बिलासपुर । युवाओं को एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूक करने तथा समाज में इससे जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने के उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में संभाग स्तरीय मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
यह आयोजन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के निर्देश पर 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सघन जागरूकता अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम में रेड रिबन क्लबों से जुड़े प्रतिभागियों ने एचआईवी संक्रमण से बचाव, सही जानकारी के प्रसार और संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया। 11 किलोमीटर लंबी मैराथन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात राम गोपाल करियारे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को सही जानकारी देकर संक्रमण से बचाव के साथ समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को भी कम किया जा सकता है। कुलसचिव तारनीश गौतम ने युवाओं को सामाजिक बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए कहा कि एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक युवा स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं। मैराथन में महिला और पुरुष वर्ग के प्रथम पांच-पांच प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। चयनित धावक अब रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मैराथन में हिस्सा लेंगे। ये प्रतिभागी आगे एचआईवी जागरूकता अभियान के संदेशवाहक के रूप में भी काम करेंगे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को एचआईवी से संबंधित जानकारी और परामर्श के लिए उपलब्ध 1097 टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में बताया गया। इसके साथ ही ब्रेक फ्री इंडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई, जहां युवा रिस्क असेसमेंट के जरिए अपनी स्थिति का आकलन कर आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
11 किमी मैराथन में दौड़े युवा, एचआईवी जागरूकता का दिया संदेश
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