• Thu. Mar 26th, 2026

कलेक्टर ने प्राचार्यों और अधिकारियों की बैठक लेकर की शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा स्वयं का बच्चा समझकर शिक्षक बच्चों को पढ़ाई में करें सहयोग

0 0
Read Time:8 Minute, 27 Second

बिलासपुर // स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और शाला प्रवेश उत्सव 16 जून को आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रार्थना सभा कक्ष में प्राचार्यों और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने प्रवेश उत्सव पर स्कूलों की साफ – सफाई कर बच्चों के स्वागत के लिए स्वच्छ, सुन्दर और आकर्षक वातावरण बनाने को कहा है। आयोजन में ज्यादा से ज्यादा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर यथासंभव न्योता भोज भी आयोजित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डीईओ डॉ. अनिल तिवारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

गौरतलब हैं कि जिले में शासकीय और निजी मिलकर 2 हजार 530 स्कूलों में 4 लाख 12 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना संपूर्ण योगदान देने के लिए शिक्षकों को मोटिवेट किया। उन्होंने कहा कि माता – पिता के बाद बच्चे अपना सबसे अधिक समय शिक्षकों के बीच गुजारते हैं। उन्हें वैसे ही जिम्मेदारी के साथ देख – रेख करें जैसे कि वे आपके अपने बच्चे हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों में लिखे ज्ञान को आत्मसात, करना भर नहीं बल्कि जीवन में सामाजिक जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित करना होना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चों का मन कच्ची मिट्टी की तरह होता है। शिक्षक उनके लिए आदर्श होते हैं। इसलिए शिक्षक ऐसे काम ऩ करें कि बच्चों में उनके प्रति नकारात्मक भाव पैदा हो। शिक्षकों का सम्मान पहले की तुलना में आज कम क्यों हुआ, इसे कैसे सुधार सकते हैं। इस विषय को भी रेखांकित किया।

 

कलेक्टर ने कहा कि हमारे लिए हर बच्चा महत्वपूर्ण है। सबकी अलग – अलग रुचि होती है। हम उनकी प्रतिभा को पहचान कर उसे बढ़ाने में मदद करना चाहिए। उन्होंने मिशन 90 योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी पर प्रसन्नता प्रकट की। इनमें 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों ने कामयाबी की रणनीति भी शेयर किए। उन्होंने ऐसे सभी प्राचार्यों को सम्मानित करने के निर्देश भी डीईओ को दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक शिक्षक केवल नौकरी नहीं करता, वह देश के भविष्य के लिए अगली पीढ़ी तैयार करता है। शिक्षकों में बहुत ताकत है। समाज में बदलाव के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

 

कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधा लगाने की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे अपने मां-बाप के नाम पर स्कूल में पौधा लगाए और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ले।  उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले और शाला त्यागी बच्चों की परेशानियों को दूर कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा । उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना भी सुचारू रूप से चलना चाहिए। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ती है।  शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।  उन्होंने जर्जर हो चुके स्कूल में बच्चों को नहीं बिठाने के निर्देश दिए ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। न्योता भोज अच्छी योजना है । समाज को साथ लेकर ज्यादा से ज्यादा न्योता भोज के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस दौरान यह भी देखें की भोज के चलते पढ़ाई प्रभावित न हो।

कलेक्टर ने चिरायु योजना के अंतर्गत हर बच्चे की स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर बीमारी का पता चल जाने पर उसका तुरंत इलाज संभव हो जाता है । प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से कराएं। शाला प्रवेश के साथ ही हर बच्चे का जाति सर्टिफिकेट भी बनाया जाएगा। सभी प्राचार्य को इसके लिए आईडी दी जाएगी ताकि वे दस्तावेज अपलोड कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास अभिलेख नहीं है, तो ग्राम सभा के अनुमोदन से भी जाति प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सरपंचों के सहयोग से स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी करने को कहा है ।

 

कलेक्टर ने कहा की नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा पर भी फोकस करना है । यह ध्यान दिया जाए कि नवीं कक्षा से 12वीं तक यदि व्यावसायिक शिक्षा जारी रखें तो इतना हुनरमंद हो जाएंगे कि वह काफी आमदनी कम सकता है। बेरोजगार नहीं रहेगा। कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में नशाखोरी के सामान विक्रय करने अथवा अनाधिकृत कब्जा की स्थिति को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं और जरूरत के हिसाब से स्कूल परिसर में भवन निर्माण होते हैं । निर्माण कार्य को अपना समझें और इसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। परिसर में यत्र तत्र कहीं पर भी निर्माण नहीं होना चाहिए । इसका ग्राउंड भी बचा रहे ताकि बच्चे खेलकूद कर सकें।  कलेक्टर ने इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के बिल्हा के शिक्षकों द्वारा तैयार शाला प्रवेश उत्सव पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च किया।

 

जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी बैठक को संबोधित किया। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षक विहीन अथवा एक शिक्षकीय नहीं रहे। अब शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि मन लगाकर शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करते हुए पढ़ाई कराएं। उन्होंने बताया कि पाठयपुस्तकों को बिना स्कैनिंग किए नहीं बांटा जाए। संबंधित स्कूल का सील भी लगा होना चाहिए। पिछले साल की पुस्तकें नहीं बांटी जाएंगी। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री पी दासरथी सहित अधिकारी संदीप चोपड़े, आनंद पांडे, रामेश्वर जायसवाल तथा सभी ब्लॉक के बीइओ, बीआरसी, प्राचार्य उपस्थित थे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
भूपेन्द्र पाण्डेय

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed