बिलासपुर :— छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह एवं संबंधित अधिकारियों के से चर्चा कर जिले में दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की स्थिति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार विमर्श किया। कावड़िया ने दिव्यांगजनों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दिव्यांगजनों के ऋण प्रकरणों, यूडीआईडी कार्ड निर्माण, सहायक उपकरण वितरण और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में निरंतर शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही स्वरोजगार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी जारी हैं। अध्यक्ष श्री कावड़िया ने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ते हुए दिव्यांगजनों के लिए स्थायी आय के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि जरूरतमंद हितग्राहियों को शीघ्र सहायता मिल सके। अध्यक्ष श्री कावड़िया ने शहर में संचालित दिव्यांग संस्थाओं, विशेष विद्यालयों एवं छात्रावासों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अध्ययनरत बच्चों और प्रशिक्षुओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संस्थाओं को निर्देश दिए कि शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास से संबंधित सुविधाओं में निरंतर सुधार किया जाए।
इस अवसर पर प्रबंध संचालक पंकज वर्मा एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सचालक टीपी भावे एवं सलाहकार राजेश तिवारी, तथा सहायक सांख्यिकी अधिकारी उत्तमराव माधनकर, प्रभारी अधीक्षक आश्रयदत्त कर्मशाला बीना दीक्षित, प्रदीप शर्मा, प्रशांत द्विवेद्वी, अशोक अग्रवाल एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।