बिलासपुर :— राज्य शासन के ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत जिला हाथकरघा कार्यालय बिलासपुर द्वारा “कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़” हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी-सह-विक्रय का आयोजन 8 मार्च से 15 मार्च 2026 तक राघवेंद्र राव सभा भवन, कंपनी गार्डन के पास बिलासपुर में किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारंभ महापौर पूजा विधानी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी ने प्रदेश के हाथकरघा वस्त्र उत्पादक बुनकरों एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी और बुनकरों द्वारा तैयार किए गए कोसा एवं सूती वस्त्रों की कलात्मक डिजाइनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा वस्त्र देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और यह आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल बुनकरों एवं कारीगरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बुनकरों को अपने उत्पादों के विपणन का बेहतर अवसर मिलता है। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर छत्तीसगढ़ के हाथकरघा, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों की कलात्मकता को देखा।
प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों, हस्तशिल्प कारीगरों और खादी उत्पादकों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध कराना तथा उनकी कला को आम नागरिकों तक सीधे पहुंचाना है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं से नए-नए डिजाइनों के लिए सुझाव प्राप्त कर उत्पादों में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बुनकरों और कारीगरों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
प्रदर्शनी में रायगढ़, चांपा, बिलासपुर, चंद्रपुर, छुरी, सिवनी, लोफंदी एवं बिलाईगढ़ क्षेत्र की बुनकर समितियों के 24 प्रतिनिधियों सहित हस्तशिल्प और खादी ग्रामोद्योग से जुड़े कारीगरों ने भाग लिया है। यहां कोसा साड़ियां, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफटा, सूती साड़ियां, कॉटन शर्टिंग-सूटिंग, दुपट्टे, बेडशीट, बेड कवर, पिलो कवर, तौलिए, नैपकिन और गमछा जैसे आकर्षक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी एवं उप संचालक हाथकरघा बिलासपुर श्री डोमेश्वर धकाते ने आभार व्यक्त किया। यह प्रदर्शनी 8 मार्च से 15 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शनी में पहुंचकर छत्तीसगढ़ की बुनाई कला, हस्तशिल्प एवं खादी उत्पादों का अवलोकन कर बुनकरों को प्रोत्साहित करें।