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ग्रामीण क्षेत्रों में औषधि विभाग की जांच: नियमों के पालन के दिए निर्देश कॉस्मेटिक विक्रेताओं पर निगरानी: बिल और लेबलिंग अनिवार्य

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बिलासपुर :— कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले में संचालित ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान के तहत औषधि निरीक्षकों की तीन टीमों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कॉस्मेटिक विक्रय संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में औषधि निरीक्षक सुनील पंडा, सुमन लता कंवर, अश्विनी कुमार, आशीष पांडे एवं कामेश्वरी पटेल शामिल थे।

 

टीम द्वारा तखतपुर, गनियारी, चकरभाठा, पौंडी, बोदरी एवं बेहतराई-सरकंडा क्षेत्र में कुल 21 कॉस्मेटिक विक्रय संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों में भंडारण व्यवस्था की जांच की गई तथा खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया गया। कई प्रतिष्ठानों में क्रय बिल संधारण एवं नियमों की जानकारी का अभाव पाया गया, जिस पर संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

निरीक्षण टीम ने सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद-बिक्री केवल पक्के बिल के माध्यम से की जाए तथा ऐसे उत्पाद ही विक्रय किए जाएं, जिन पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, अवसान तिथि एवं निर्माता की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। जांच के दौरान किसी भी संस्थान में एक्सपायरी उत्पाद नहीं पाए गए, जो संतोषजनक स्थिति रही। वहीं, 06 दुकानों में उचित लेबलिंग नहीं पाए जाने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों के स्टॉक को मौके पर नष्ट कराया गया।

सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह ने कहा कि सुरक्षित उत्पादों के उपयोग के लिए आम नागरिकों को भी जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि ऐसे किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद की खरीद न करें, जिसमें अवसान तिथि, निर्माता अथवा बैच नंबर का उल्लेख न हो। जिले में यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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