बिलासपुर :— देश के किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के आर्थिक सशक्तिकरण और उनके वृद्धावस्था को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया | ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ शीर्षक वाली यह महत्वपूर्ण संगोष्ठी आज गुरुवार, 07 मई 2026 को बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित होटल आनंदा इम्पीरियल में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किया गया |
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाता-कृषक एवं सभी ग्रामीण जनों को जीवन में वित्तीय सुरक्षा एवं स्वतंत्रता प्रदान करना है। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक अग्रणी बैंक बिलासपुर श्री दिनेश ओरांव ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में असंगठित क्षेत्र कामगारों के लिए अटल पेंशन योजना है जिसमे 1000 से 5000 तक की पेंशन मिलती है लेकिन आज के दौर में यह नाकाफी है इस आय वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप सशक्त बनाने के लिए एनपीएस (New Pension Scheme) एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी योजना है | आयोजन में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण नई दिल्ली के उप-महाप्रबंधक (DGM) श्री मनोज कुमार तिवारी एवं श्री शुभम खंडेलवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे । उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System – NPS) की बारीकियों, उचित समय पर निवेश के दूरगामी लाभों और इसके माध्यम से भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वैज्ञानिक तरीकों को स्लाइड के माध्यम से विस्तृत जानकारी दिया गया।
खेती की अनिश्चितता के बीच पेंशन बनेगा मजबूत आधार
भारत की लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, जिसमें से 86 प्रतिशत किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। भूमि के निरंतर बंटवारे और कृषि आय की अनिश्चितता के कारण वृद्धावस्था में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में पीएफआरडीए की यह पहल विशेष रूप से किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों और गृहिणियों के लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। एनपीएस (NPS) में कम निवेश से शुरू होने वाली बचत चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति के कारण लंबी अवधि में एक विशाल कोष और स्थायी मासिक आय में परिवर्तित हो जाती है।
प्रमुख हितधारकों की सहभागिता
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि सहित विभिन्न बैंकों के प्रमुख, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, कोरबा.पेंड्रा,जांजगीर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), डीडीएम नाबार्ड, डायरेक्टर आरसेटी कोनी बिलासपुर, एनजीओ समर्पित बिलासपुर के पदाधिकारी, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के प्रतिनिधि और कृषकगण, आरसेटी के प्रशिक्षु तथा अंबिकापुर छग के प्रसिद्ध शिल्पकार शामिल थे।
एनपीएस की विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास:
18 से 85 वर्ष के नागरिक जो थोडा बचत कर ज्यादा पेंशन पाना चाहते हैं
बाजार आधारित उत्कृष्ट रिटर्न: सुरक्षित निवेश के साथ विकास की संभावना।
अनुशासित बचत: भविष्य के प्रति एक व्यवस्थित निवेश की आदत।
कंपाउंडिंग का लाभ: लंबी अवधि में छोटी बचत का बड़ी पूंजी में परिवर्तन।
एकमुश्त राशि व आजीवन आय: सेवानिवृत्ति पर संचित राशि का एक हिस्सा नकद और शेष से आजीवन पेंशन।
बदलते सामाजिक परिवेश और एकल परिवार की बढ़ती व्यवस्था में यह योजना असंगठित क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद साथी सिद्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार समय पर बोया गया बीज ही अच्छी फसल की गारंटी देता है, ठीक उसी प्रकार युवावस्था में शुरू किया गया एनपीएस निवेश वृद्धावस्था में सम्मानजनक एवं सशक्त आर्थिक जीवन का आधार बनता है।