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आधुनिक तकनीक से 325 स्थलों पर बन रहे इंजेक्शन वेल

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बिलासपुर। जिले में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से भू-जल रिचार्ज अभियान को गति दी गई है। प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को मजबूत करना है।

जिले में पहली बार युक्तधारा पोर्टल एवं भूवन एप के संयुक्त उपयोग से फ्रैक्चर जोन चिन्हांकित किए गए हैं, जहां इंजेक्शन वेल निर्माण कराया जा रहा है। इन इंजेक्शन वेल के माध्यम से वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर पहुंचाकर भू-जल रिचार्ज सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर श्री अग्रवाल द्वारा जिले के उद्योगों से सहयोग की अपील करते हुए 325 चिन्हित स्थलों पर इंजेक्शन वेल निर्माण कराने का आग्रह किया गया है। जिनमें से 116 इंजेक्शन वेल का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 209 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है। नगर निगम बिलासपुर ने 35 के 35 इंजेक्शन वेल पूर्ण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जिले में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा मस्तूरी विकासखंड में 36, बिल्हा में 19, तखतपुर में 14 तथा कोटा में 12 इंजेक्शन वेल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। प्रगति की समीक्षा के अनुसार बिल्हा विकासखंड में 90 के लक्ष्य के विरुद्ध 19, कोटा में 77 के लक्ष्य के विरुद्ध 12, मस्तूरी में 83 के लक्ष्य के विरुद्ध 36 तथा तखतपुर में 40 के लक्ष्य के विरुद्ध 14 इंजेक्शन वेल पूर्ण किए गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बोर खनन एवं निर्माण कार्य युद्धस्तर पर दिन-रात जारी है।
साथ ही महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत मिनी परकुलेशन टैंक का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे जल संचयन एवं भू-जल रिचार्ज की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। जिले में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।
विशेषज्ञों के अनुसार इंजेक्शन वेल भू-जल संवर्धन का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। इससे वर्षा जल व्यर्थ बहने के बजाय सीधे जमीन के भीतर संग्रहित होता है, जिसका लाभ भविष्य में पेयजल उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन के रूप में मिलेगा। बिलासपुर जिले में चल रहा यह अभियान जल संरक्षण के प्रति प्रशासन की गंभीरता, दूरदृष्टि और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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