बिलासपुर । जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की सफलता केवल भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पूरा करने से नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में आए बदलाव से तय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सुशासन, जवाबदेही और हितग्राहियों से सीधे संवाद को प्राथमिकता देने कहा।
कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। पिंगुआ ने कहा कि अधिकारी केवल विभागीय दायरे तक सीमित न रहें। योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, यह जानने के लिए हितग्राहियों से सीधे संवाद करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से मिलने वाले फीडबैक को शासन की कार्यप्रणाली सुधारने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्यों का स्व-मूल्यांकन करने और आम लोगों के साथ विनम्र व्यवहार रखने के निर्देश दिए। बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने के साथ सभी सरकारी पत्राचार ई-ऑफिस के माध्यम से करने को कहा। कृषि विभाग की समीक्षा में जैविक खेती को बढ़ावा देने और जिले को बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और किसानों में नैनो डीएपी व नैनो यूरिया का उपयोग बढ़ा है। प्रभारी सचिव ने बीज उत्पादन के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग ने बताया कि जिले में 14 गोधामों को मंजूरी मिली है। प्रत्येक गोधाम में 200 पशुओं को रखने की क्षमता होगी। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए पिंगुआ ने कहा कि केवल मुफ्त सामग्री या सहायता देना योजनाओं का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया के 61 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें तीन का उपचार जारी है, जबकि बाकी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रभारी सचिव ने भू-जल संरक्षण के लिए गांवों में इंजेक्शन वेल निर्माण बढ़ाने के निर्देश दिए। जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल बनाए जाने की जानकारी दी गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। वहीं मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त बताया और इसमें सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के नियमित निरीक्षण और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।
योजनाओं का लाभ जनता को मिला बने सफलता का पैमाना: पिंगुआ
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