दुर्ग। अहिवारा के भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। कुछ दिन पहले तक वे बीमारी से उबरकर जनता के बीच लौटने की उम्मीद जता रहे थे। उनके निधन से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि कुछ लोग उनके लिए दुआ की जगह बद्दुआ मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी जनता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विश्वास जताया था कि जनता की दुआओं से वे पांच-छह दिन में लौट आएंगे। हालांकि, उनकी यह उम्मीद अधूरी रह गई। 78 वर्षीय कोर्सेवाड़ा फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे और हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उनके निधन की खबर से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में शोक छा गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को रायपुर लाए जाने के बाद भिलाई और दुर्ग होते हुए पैतृक गांव भेण्ड्रा ले जाने तथा अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के बाद राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वे सक्रिय राजनीति से जुड़े। वर्ष 1999 में उन्होंने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वे पहली बार अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। 2018 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर मैदान में उतारा, लेकिन इस बार कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार ने जीत दर्ज की। वर्ष 2023 में भाजपा ने एक बार फिर कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों से हराकर विधानसभा में वापसी की। इस चुनाव में उन्हें 96,717 वोट मिले थे। पहली बार विधायक बनने के बाद वर्ष 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला। उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में काम किया और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के कल्याण से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें विधानसभा की विभिन्न समितियों में स्थान मिला। वे पुस्तकालय समिति के सभापति भी रहे। अक्टूबर 2025 में राज्य सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। नवंबर 2025 में उन्होंने इस पद का कार्यभार संभाला। 12 अगस्त 1948 को जन्मे कोर्सेवाड़ा ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी। उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी। शिक्षा से सार्वजनिक जीवन और फिर राजनीति तक का उनका सफर लंबा रहा। निधन से पहले जनता के बीच जल्द लौटने की उनकी बात अब समर्थकों के लिए एक भावुक याद बन गई है।
अधूरी रह गई विधायक डोमनलाल की आखिरी उम्मीद
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