बिलासपुर। अर्नब चक्रवात का असर लोगों के सेहत पर भी पडऩे लगा है। लगातार बारिश होने के कारण लोग सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और एलर्जी की चपेट में आ गए हैं, जिससे सिम्स और जिला अस्पताल के मेडिसिन, चेस्ट व पीडियाट्रिक विभाग में महीनेभर पहले की तुलना में मौसमी बीमारियों के मरीज दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक तापमान में लगातार बदलाव से वायरल संक्रमण और श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। पहले जहां सामान्य वायरल फीवर तीन से चार दिनों में ठीक हो जाता था, वहीं अब कई मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में सात से आठ दिन लग रहे हैं। करीब 10 फीसदी मरीजों को एक सप्ताह के भीतर दोबारा इलाज के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, लगभग 5 फीसदी मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के खुद दवाएं ले रहे हैं। सिम्स के टीबी एवं चेस्ट विभाग के डॉक्टर प्रतीक त्रिपाठी ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच इंफ्लुएंजा सहित श्वसन संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। सभी आयु वर्ग के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीजों को सामान्य होने में सात से आठ दिन लग रहे हैं। सिम्स के एमएस डॉ. लखन सिंह ने सलाह दी है कि बाहर निकलते समय मास्क पहनें। अस्थमा के मरीज नियमित रूप से दवाएं लें। सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी से पीडि़त लोगों को लक्षण बढऩे पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
सिम्स व जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़
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