बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने व अधिकारियों – कर्मचारियों में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से दो अलग-अलग स्थानों पर सत्यनिष्ठा शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहला कार्यक्रम सुबह सिम्स के डीन कार्यालय में आयोजित हुआ, जबकि दूसरा कार्यक्रम दोपहर 12 बजे सिम्स चिकित्सालय परिसर में संपन्न हुआ। दोनों कार्यक्रमों में अधिकारियों, चिकित्सकों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ, कार्यालयीन कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सजग रहने का संकल्प लिया। डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने अधिकारियों- कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने स्वयं भी शपथ ग्रहण करते हुए ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। किसी भी शासकीय संस्थान की विश्वसनीयता उसके कार्यों की पारदर्शिता, कर्मचारियों की ईमानदारी और प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही पर निर्भर करती है। शासकीय सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का यह दायित्व है कि वह अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। व्यक्तिगत लाभ, अनुचित दबाव अथवा किसी अन्य प्रलोभन के कारण अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्थानों के प्रति आम नागरिकों के विश्वास को भी कमजोर करता है। इसलिए भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए केवल प्रशासनिक नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर नैतिक जिम्मेदारी और आत्मानुशासन की भावना भी होनी चाहिए।