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तीरंदाजों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का तोहफा

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बिलासपुर // बिलासपुर जिले धनुर्धारियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश के मुखिया के आदेश पर एसईसीएल ने तीरंदाजों की प्रतिभा के समग्र विकास के लिए ढाई करोड़ का अनुदान दिया है। सीएसआर मद से उन्होंने यह राशि मंजूर की है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के बिलासपुर जिला स्थित कोटा विकासखण्ड के ग्राम शिवतराई को को तीरंदाजों का केन्द्र कहा जाता है। शिवतराई से अब तक दर्जनों तीरंदाज देश और प्रदेश में बिलासपुर का नाम रौशन किया है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांव में और खासकर आदिवासी क्षेत्रों के विकास और उनमें छिपी प्रतिभाओं को बाहर लाने के लिए पीएम जनमन योजना की शुरूआत की है। योजना का मूल उद्देश्य आदिवासी क्षेत्र में छिपी प्रतिभाओं को न केवल बाहर लाना बल्कि सम्मान और अधिकार दिलाना है। इसी क्रम में प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय के आदेश और निर्देश पर जिला प्रशासन कोटा ब्लॉक के आदिवासी क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन को लेकर बहुत गंभीर है। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, केन्द्रीय मंत्री श्री तोखन साहू एवं खेल मंत्री टंकराम ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बिलासपुर सहित राज्य के युवाओं को बधाई दी है।

 

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में ही खिलाड़ियों की सुविधा एवं विकास को ध्यान में रखते हुए करोड़ों रूपए के निर्माण कार्यो का लोकार्पण किया। संजय तरण पुष्कर स्थित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स को खिलाड़ियों को समर्पित किया। उन्होंने खुद बताया कि बिलासपुर को सर्वसुविधा युक्त स्पोर्टस सेन्टर की जरूरत थी। नवनिर्मित स्पोर्टस सेन्टर में टेनिस विलियर्डस, स्नूकर समेत सभी प्रकार के इण्डोर खेल खेले जा सकते हैं। इसके अलावा आउटडोर खेल की सुविधा भी नवनिर्मित स्टेडियम में है। खुद मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक जिम सेन्टर पहुंचकर वरजिश किया। इसके अलावा मल्टी पर्पज स्कूल में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मैदान और हास्टल का लोकार्पण किया।इस क्रम में शिवतराई को ध्यान में रखते हुए तीरंदाजों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप एसईसीएल ने जिले के प्रतिभावान युवाओं के लिए ढाई करोड़ का अनुदान दिया है। इन रूपयों से शिवतराई एवं बहतराई स्थित तीरंदाजी अकादमी में तीरंदाजों को अतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तीर कमान की खरीदी होगी। खिलाड़ियों के खेल को नयी दिशा मिलेगी। साथ ही प्रशिक्षण यात्रा भत्ता भी दिया जायेगा। इसके अलावा कम्प्यूटर, स्टेशनरी, फर्निचर के लिए भी राशि की सुविधा होगी। उपलब्ध कराई गयी राशि से शूटिंग रेंज का निर्माण होगा। एम्बुलैंस की भी व्यवस्था होगी।

 

गौरतलब है कि बहतराई तीरंदाजी अकादमी में वर्तमान में 28 बालक-बालिका खिलाड़ी प्रशिक्षणरत हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करते हुए पदक अर्जित कर रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों के पास 5 रिकर्व एवं इण्डियन राउण्ड के ही खेल उपकरण उपलब्ध थे। एसईसीएल के सहयोग से अब खिलाड़ियों को रिकर्व और कम्पाउण्ड के अत्याधुनिक उपकरण प्राप्त हो सकेंगे। खिलाड़ियो की शूटिंग तकनीक को और अधिक विकसित करने के लिए वीडियो एनालिसिस एवं साफ्टवेयर का क्रय भी किया जायेगा, जिससे खिलाड़ियों की गुणवत्ता बढ़ेगी और अन्तरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे। खेल और खिलाड़ियों के प्रति सकारात्मक नजरिया रखने वाले कलेक्टर अवनीश शरण ने सीएसआर मद से खिलाड़ियों के लिए मिली राशि का स्वागत किया है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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