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शहर के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मनाया गया डॉ मुखर्जी का बलिदान दिवस

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बिलासपुर :— डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 71 वीं पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर के कार्यकर्ताओं ने इसे बलिदान दिवस का नाम देकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किए पुराना बस स्टैंड स्थित श्रद्धांजलि सभा में जिले के भाजपा नेताओं ने डॉ मुखर्जी के योगदान को याद किया जनसंघ के संस्थापक रहे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गणना भाजपा के विचार पुरुषों में की जाती रही है जिनके अखण्ड राज्य के सिद्धांतों को मान्यता देते हुए भारतीय जनता पार्टी कश्मीर में धारा 370 का विरोध करती रही है आज उनकी पुण्यतिथि पर भाजपा  कार्यकर्ताओं ने उनके वैचारिक मानदंडों का जीवन पर्यंत अनुकरण करने का संकल्प लिया

 

*डॉ मुखर्जी की याद में भाजयुमो ने किया ब्लड डोनेशन, बांटे हेलमेट*

 

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के पुण्यतिथि पर जिला भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने विधायक बेलतरा सुशांत शुक्ला की अगुवाई में रक्तदान किए बड़ी संख्या में युवामोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपने वैचारिक अधिष्ठान स्वरूप डॉ मुखर्जी के बलिदान को याद किया अपोलो हॉस्पिटल में आयोजित ब्लड डोनेशन शिविर में युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया उन्हें बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप हेलमेट, प्रशस्ति पत्र,गिफ्ट हैम्पर भेंट की गई इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी,भाजपा जिलाध्यक्ष,मोहित जायसवाल,भाजपा उपाध्यक्ष तिलक साहू,जिला मंत्री अवधेश अग्रवाल,उमेश गौरहा,धनंजय त्रिपाठी,भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन कश्यप,भाजयुमो मंडल अध्यक्ष ऋषभ चतुर्वेदी,पार्षद रेखा सूर्यवंशी,अमित मिश्रा,जय वाधवानी,शैलेश देवांगन,शैलेश गोरख,राज केवट,शिवराज साहू,अभिषेक साव,आदित्य पाण्डेय,मनोज पटेल,यश गौरहा,संजू तिवारी,शरद खैरवार,सोनू साहू,आयुष यादव,प्रवीण यादव,सूरज दुबे,हिमांश देवांगन,रूपेश चौबे,अंकुर सिंह,त्रिदेव श्रीवास अपोलो बल्ड बैंक प्रबंधक डॉ.प्रेरणा उपस्थित रहीं

 

*डा श्यामा प्रसाद आधुनिक भारत में आर्थिक प्रगति के सूत्रधार-अमर अग्रवाल*

 

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए बिलासपुर विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि हम शहादत दिवस के रूप में जब हम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के जीवन का आकलन करते हैं तो देश में ऐसे गिने चुने महापुरुष होंगे जिनका वैभवशाली कृतित्व डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के समकक्ष रहा हो हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे राष्ट्रवादी विचारक प्रणेता और जनसंघ के संस्थापक के वैचारिक दल कार्यकर्ता हैं जब 1947 में देश आजाद हुआ तब देश में कोई राजनीतिक दल नहीं था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस आजाद भारत के प्रथम उद्योग मंत्री रहे जिन्होंने देश के भीतर औद्योगिकरण की नींव रखी जिन्हें हम आज के भारत में आर्थिक प्रगति का सूत्रधार मान सकते हैं भिलाई स्टील प्लांट,राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील प्लांट जिनके उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के कहा था कि ये आधुनिक भारत के तीर्थ हैं जो भारत को बहुत ऊंचाई तक लेकर जाएंगे इन महत्वाकांक्षी उद्योगों के स्थापना में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दूरगामी दृष्टि को श्रेय दिया जाता है कलकत्ता विश्विद्यालय में कुलपति के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दी अंग्रेजी शासन में बंगाल क्षेत्र में में भी कार्य किया और अंग्रेजो के बंग भंग की नीति का विरोध कर पश्चिमी बंगाल को बांग्लादेश बनने से बचा लिया आज पश्चिमी बंगाल भारत का अभिन्न अंग है तो इसका पूरा श्रेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जाता है उन्होंने जिस अखण्ड गणराज्य की स्थापना के लिए अपने प्राणों की आहुति दी आज आजादी के 70 वर्षों के बाद उनकी विचारधारा वाली मजबूत सरकार बनते ही काश्मीर से धारा 370 को हटा दिया गया

 

*संवैधानिक व्यवस्था की स्थापना के लिए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दी शहादत-सुशांत शुक्ला*

 

 

देश की राजनीतिक मानचित्र में संवैधानिक व्यवस्था स्थापित करने के नाम पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी आजाद भारत में पहली शहादत देने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने एक विधान एक निशान एक प्रधान की वकालत करते हुए कश्मीर में धारा 370 का जीवन पर्यंत विरोध करते रहे और अंततः अपने प्राणों की आहुति दे दी उनकी इस पुण्यतिथि पर हम कृतज्ञ राष्ट्रजनों का पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देना हमारे लिए गौरव की बात है देश की राजनीतिक व्यवस्था का अवलोकन करने पर ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जिन्होंने  सत्ता की लालसा से अपने अयोग्य संतानों के लिए सत्ता के मार्ग को प्रशस्त किया वे ऐसे सत्ता पिपासु लोग थे जिनके पैरों तले लोकतांत्रिक मूल्यों को रौदा गया सत्ता में बने रहने के लिए जिन्होने भारत की अखण्ड संप्रभुता की उपेक्षा की और ऐसी सामंतवादी सत्ता को नकारते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अखण्ड गणराज्य की स्थापना के निमित ऐसे मार्ग को चुना जहां वर्षों वर्ष तक सत्ता की कोई गुंजाइश नहीं थी और कश्मीर में धारा 370, परमिट वीजा का विरोध करते रहे जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उनके शहादत हो गई इस अवसर पर

बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बिलासपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल, बिलासपुर शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, अमरजीत सिंह दुआ, किशोर राय, एस कुमार मनहर, रमेश लालवानी, राजेश मिश्रा, कृश्ण कुमार कौशिक, योगेश बोले, अजीत सिंह भोगल, देवेन्द्र पाठक, लक्ष्मीनारायण कश्यप, राकेश लालवानी, विजय ताम्रकार, प्रवीरसेन गुप्ता, राजेश सिंह, स्नेहलता शर्मा, अमित तिवारी, रंगा नामदेव, गणेश रजक, संदीप दास, मनीश गुप्ता, पंकज तिवारी, आनंद तिवारी, सतीश गुप्ता, नवीन मसीह, रितेश अग्रवाल, रोशन सिंह, नीतिन छाबड़ा, विवेका ताम्रकार, आनंद दुबे, संतोश कौशिक, बलराम देवांगन सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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