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मुख्यमंत्री ने 3 हजार से अधिक मेधावी छात्र – छात्राओं का किया सम्मान सीपत-नवाडीह चौक का नामकरण शहीद विनोद सिंह के नाम करने की घोषणा

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बिलासपुर // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। मुख्यमंत्री ने शहीद विनोद सिंह की पत्नी और उनके पिता सहित आधा दर्जन शहीद परिवारों का शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन शहीद विनोद सिंह कौशिक स्मृति न्यास द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य है और उनकी मेहनत, लगन एवं संकल्प से प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूऐगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर बहुत ही गर्व और उत्साह का है, जब हम अपनी नई पीढ़ी के होनहार, परिश्रमी और प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहीद विनोद सिंह कौशिक की स्मृति में विगत तीन वर्षों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समूचे समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। ऐसे ही कार्यक्रमों से बच्चों को आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक, माओवादियों से लड़ते हुए नारायणपुर में 2018 में शहीद हो गए थे। उनकी स्मृतियों को चिरस्थाई बनाए रखने उनकी स्मृति में न्यास का गठन और इसके माध्यम से प्रतिभाओं का सम्मान किया जाना अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च-2026 तक नक्सली आतंक को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। केंद्र एवं राज्य की डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगातार नक्सल ऑपरेशन में सफलता मिल रही है। करोड़ों के ईनामी नक्सली सरेण्डर कर रहे है। नक्सलवाद की कमर टूट गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम सिर्फ परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों का ही नहीं, देश के भविष्य निर्माता बच्चों का भी सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें निःसंदेह आपकी मेहनत है, लेकिन उसके पीछे परिवार, गुरुजनों और समाज का भी अहम योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश किया है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में सभी उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, निरंतर मेहनत करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप जीवन के ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहाँ से भविष्य की दिशा तय होती है। आपके प्रयासों से न केवल आपका, बल्कि देश और प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य निर्माण होगा। आपके सपनों के साथ आपके माता-पिता, शिक्षक और रिश्तेदारों की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर मेहनत करें। श्री साव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ‘डिप्रेशन’ और ‘निराशा’ जैसे शब्द अपनी डिक्शनरी से हमेशा के लिए हटा दीजिए। निराश व्यक्ति कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक सर्व श्री अमर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री दिलेन्द्र कौशिक सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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