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गुणवत्तापूर्ण तस्वीरें और संवाद से स्थानीय उत्पाद को मिल सकती है वैश्विक पहचान 64 प्रतिभागियों की मौजूदगी में सफलतापूर्वक संपन्न हुई डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला

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बिलासपुर // सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमो (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, स्व सहायता समूहों (एसएचजी) और पारंपरिक कारीगरों को डिजिटल माध्यम से बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से उद्योग संचालनालय और सीएसआईडीसी, रायपुर की पहल से मंगला चौक स्थित एक निजी होटल में एमएसएमई को ई-मार्केटप्लेस एव डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम भारत सरकार की आरएएमपी योजना के अंतर्गत हुआ।

कार्यशाला का शुभांरभ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.आर. टेकाम की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को डिजिटल मंचों से जोड़कर राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। कार्यशाला में सभ्याशाा ई कॉसर्स प्लेटफार्म (ओएनडीसी पार्टनर) से शशांक पात्रो ने सभ्याशा मंच पर बीटूबी एवं बीटूसी हेतु विक्रेता पंजीकरण, उत्पाद सूचीकरण, प्रचार-प्रसार, और डिलीवरी व्यवस्था की जानकारी दी। वहीं समहिता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ओएनडीसी पार्टनर) से श्री मोहित शर्मा जी ने उद्यमियों को बीटूबी एवं बीटूसी हेतु विक्रेता पंजीकरण से लेकर डिलीवरी व्यवस्था तक की प्रक्रिया समझाई।

डिजीटल मार्केटिंग सत्र में श्री मीमो प्रसाद, निदेशक, इन्टेलीग्रेटर टेक्नोलॉजीस प्रा.लि. रायपुर ने इंडियामार्ट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विक्रेता पंजीकरण के साथ-साथ सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से कम लागत में उत्पादों की ब्रांडिंग व बिक्री बढ़ाने के सरल उपाय बताए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण तस्वीरें, आकर्षक विवरण और ग्राहकों से नियमित संवाद स्थानीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांड बनाने में सहायक है।

इस अवसर पर डॉ. योगेश शर्मा, राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई, आरएएमपी योजना-सीएसआईडीसी, रायपुर ने राज्य में चल रही आरएएमपी योजना की गतिविधियों जैसे उद्यमिता जागरूकता, निर्यात प्रशिक्षण, डिजिटल विपणन और वित्तीय पहुँच पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में कुल 64 प्रतिभागी उपस्थित रहे, जिसमें महिला उद्यमी, समूह सदस्य, पारंपरिक कारीगर और स्थानीय एमएसएमई प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से श्री सत्येन्द्र वर्मा, श्री सुनील कुमार पाण्डेय, श्री छत्रपाल सिंह बिझवार, श्रीमती आरती झलरिया, श्रीमती रेवती कुमार लहरे, श्री ए. श्रीधर रॉव प्रबंधक उपास्थित रहे। सभी सत्रों के बाद उद्यमियों के साथ सवाल-जवाब के बाद कार्यशाला का समापन किया गया।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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