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स्टॉक पंजी संधारण में गड़बड़ी – गीतांजली कृषि केन्द्र को स्पष्टीकरण के बाद भी मिली सजा रात्रे कृषि केन्द्र बिल्हा पर शिकंजा – 113 बोरी यूरिया जब्त, नियम तोड़ने पर लाइसेंस 21 दिन निलंबित

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बिलासपुर :— कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान प्राप्त हो के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश एवं उप संचालक कृषि बिलासपुर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा लगातार कृषि आदान केन्द्रों में निरीक्षण किया जा रहा है। कृषि केन्द्रों द्वारा नियम विरूद्ध व्यवसाय कर रहे हैं उन पर नियामानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

 

उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स गीतांजली कृषि सेवा केन्द्र बरद्वार, कोटा का निरीक्षक द्वारा बीते दिनों औचक निरीक्षण किया गया था। जिसमें निरीक्षण के दौरान पायी गई अनियमितताओं के कारण संस्थान में उपलब्ध खाद के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा गया था। तत्संबंध में संबंधित फर्म मेसर्स गीतांजली कृषि केन्द्र बरद्वार द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण पश्चात् निरीक्षक द्वारा पुनः निरीक्षण किया गया जिसमें प्रतिबंधित 26 बोरी यूरिया खाद को बिना अनुमति के विक्रय करना पाया गया, तथा स्टॉक पंजी का संधारण नहीं करना एवं बिना फार्म-ओ के जैविक उर्वरकों का कारोबार किया जाना पाया गया। उपरोक्त तथ्य से स्पष्ट है कि संबंधित के द्वारा लगातार उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधान का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए व्यवसाय किये जाने के फलस्वरूप उक्त फर्म के उर्वरक विक्रय लाइसेंस को 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।

 

इसी प्रकार मेसर्स रात्रे कृषि केन्द्र बिल्हा का भी विगत दिनों निरीक्षण किया गया था जिसमें रात्रे कृषि केन्द्र बिल्हा के यहां बिना पॉश मशीन के यूरिया खाद का विक्रय साथ ही उपलब्ध यूरिया खाद का स्कंध पंजी में संधारण नहीं किये जाने, स्कंध एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने, निर्धारित प्रारूप में बिल जारी नहीं करने के कारण स्पष्टीकरण जारी करते हुए उपलब्ध 113 बोरी यूरिया खाद को जब्त की कार्यवाही की गई थी,जिसका संबंधित के द्वारा जवाब प्रस्तुत नही करने पर उनके उर्वरक विकय लाइसेंस को 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।

 

इसी क्रम में मेसर्स ओम कृषि केन्द्र रतनपुर, का संबंधित निरीक्षक द्वारा औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान पाये गये कमियों और अनियमितताओं जैसे कि अनुज्ञप्ति में बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट इंद्राज कराये कम्पनियों के औषधियों का भण्डारण/विकय करना, अनुज्ञप्ति सहज सदृश्य स्थान पर प्रदर्शित नहीं करना, स्कंध पंजी संधारण नहीं करना, मासिक प्रतिवेदन नहीं भेजना के संबंध में संबंधित निरीक्षक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण चाहा गया था। तत्संबंध में संबंधित फर्म मेसर्स ओम कृषि केन्द्र, रतनपुर, द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। किन्तु संबंधित फर्म द्वारा लगातार कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए व्यवसाय करने के कारण उक्त फर्म मेसर्स ओम कृषि केन्द्र रतनपुर, वि.खं. कोटा, जिला बिलासपुर का कीटनाशक प्राधिकार पत्र को आगामी 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। उप संचालक कृषि बिलासपुर द्वारा जिले अंतर्गत संचालित समस्त पंजीकृत आदान विक्रेताओं को निर्देश जारी है कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के प्रावधानानुसार ही व्यवसाय किया जाये। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर संबंधित फर्म के विरूद्ध नियमानुसार सख्त जारी रहेगी।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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