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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारे राष्ट्रगौरव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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बिलासपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बनाए गए वंदे मातरम उद्यान और नाम पट्टिका का लोकार्पण किया। श्री साय ने कहा कि नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अद्वितीय योगदान और उनके त्याग का सम्मान करना राज्य सरकार का सौभाग्य है। शहर के प्रमुख शिव टाकीज चौक से पुराना बस स्टैण्ड चौक तक विकसित इस उद्यान में नगर के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों की पट्टिकाएँ लगाई गई हैं। जहां फाउण्टेन, हरियाली, साफ-सुथरा वातावरण नागरिकों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह,सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल  मौजूद रहे।

पुराना बस स्टैंड चौक पर आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारे राष्ट्रगौरव हैं। भारत की आज़ादी सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था, त्याग और बलिदान की प्रेरणादायक कथा है। नगर के इन वीर सेनानियों ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया, वह हमारे लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनके त्याग का सम्मान करना राज्य सरकार का सौभाग्य है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाओं का अनावरण करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है। यह गर्व हमारे गौरवशाली इतिहास को लेकर है, जहाँ हमारे पूर्वजों ने अपने खून से इस मिट्टी को सींचा है। यहाँ नवनिर्मित उद्यान में स्वतंत्रता संग्राम में अपना अमूल्य योगदान देने वाले हमारे वीर पुरखों की नाम पट्टिकाएँ,  उनके प्रति हमारी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि है। उन सेनानियों की नाम पट्टिकाएँ अब यहाँ से गुजरने वाले हर राहगीर को प्रेरित करेंगी। बिलासपुर अब देश का पहला जिला बनेगा जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों का नाम उद्यान में अमर हो रहा है। यह जीवंत स्मृति स्थल बनेगा। यह कार्य हमारी सरकार की स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के प्रति सम्मान की प्रतिबद्धता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि इस गार्डन और नाम पट्टिका के माध्यम से युवाओं और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और प्रबल होगी। “यह केवल एक पट्टिका नहीं, बल्कि हमारे इतिहास का वह सजीव दस्तावेज है जिसे देखकर हर नागरिक गर्व महसूस करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा  की जयंती पर हम यह विशेष आयोजन कर रहे हैं  जिसमें हम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को स्मरण कर रहे हैं, जिनके बलिदानों ने हमें आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित यह देश का पहला उद्यान है। यह देश में स्थानीय सेनानियों को सम्मान देने का बड़ा उदाहरण है।

बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बनाये गये वंदे मातरम उद्यान का नाम वन्देमातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है उद्यान में 25 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम की पट्टिका लगाई है जिनमें स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, श्री रामगोपाल तिवारी, श्री चित्रकांत जायसवाल, डॉ.वासुदेव देवरस, श्री कालीचरण तिवारी, श्री मथुरा प्रसाद दुबे, श्री विश्वनाथधर दिवान, श्री राजकिशोर शर्मा, श्री प्रह्लाद पीपलवा , डॉ. शिवदुलारे मिश्रा, श्री श्यामानंद वर्मा, श्री मुरलीधर मिश्रा, श्री रामकृष्ण पाण्डेय, श्री ई राघवेंद्र राव बैरिस्टर, श्री हरनारायण वाजपेयी, श्री राम चरण श्रीवास, श्री चिंतामणि ओत्तलवार, श्री भ्रमर गुप्ता, श्री यदुनंदन/मनोहर सिंह, डॉ. भगवान दास ताहिलयानी, डॉ दयाराम कलवानी, डॉ. मुरलीधर जैसवानी, क्रांति कुमार भारती, श्री राम चरण साहू, बाल सेनानी, श्री गंगा प्रसाद वाजपेयी का नाम शामिल है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक तखतपुर श्री धर्मजीत सिंह, निगम सभापति श्री विनोद सोनी, राजा पांडे,मोहित जायसवाल,श्री राजा पांडे, पूर्व विधायक श्री चंद्रप्रकाश बाजपेई, ई रमेंद्र राव, मुरली खंडेलवाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, सामाजिक संगठन व नागरिक उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि वन्देमातरम् उद्यान एवं एसटीपी पचरीघाट एवं ड्युल पाइपिंग कार्य की लागत 6.99 करोड़ है। पचरीघाट में स्थापित एस.टी.पी., ड्युल पाइपिंग सिस्टम से ज्वाली नाले से आने वाले पानी को साफ कर इस पानी का उपयोग उद्यान में सिंचाई, साफ-सफाई, फाउण्टेन में पानी भरने, पौधों की देखभाल और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए किया जाता है। इस परियोजना से 10 लाख लीटर पानी प्रतिदिन साफ किया जा रहा है और पानी को संग्रहित करने के लिए 1 लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक भी बनाया गया है। जिसका उपयोग विभिन्न सार्वजनिक कार्यों के लिए जल प्रदाय करने में किया जा रहा है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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