बिलासपुर। मरवाही वन परिक्षेत्र में चार हाथियों का एक दल पहुंचा गया है। ग्राम घुसरिया के जंगल में स्थित एक जलाशय के आसपास इन हाथियों ने अस्थायी डेरा जमा लिया है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए हाथियों को जलाशय में पानी पीते, स्नान करते और अठखेलियां करते देखा गया है। वन विभाग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है। हाथियों के इस दल में तीन दंतेल हाथी शामिल हैं। पिछले कुछ समय से मरवाही क्षेत्र के जंगल हाथियों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग बने हुए हैं और एक बार फिर यह दल यहां पहुंच गया है। जंगल में पर्याप्त पानी मिलने के कारण हाथियों ने जलाशय को अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया है। दिन के अधिकांश समय वे जलाशय और उसके आसपास के क्षेत्र में ही विचरण कर रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है। हथियों का दल आसपास के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों की गर्मी की फसलों को नुकसान हो रहा है। धान, मक्का और विभिन्न सब्जियों की खेती चौपट हुई है। कई किसानों ने फसल नुकसान की सूचना वन विभाग को दी है। विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है, ताकि नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।वन विभाग ने एहतियात के तौर पर आसपास के गांवों में मुनादी कराना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को रात के समय जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने, हाथियों के करीब न पहुंचने तथा किसी भी स्थिति में उन्हें छेडऩे या भगाने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से समूह में रहने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल वन अमले को देने अपील भी की है। वन विभाग का कहना है कि हाथियों की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। निगरानी दल लगातार क्षेत्र में मौजूद है, ताकि हाथियों की लोकेशन की जानकारी मिल सके और समय-समय पर ग्रामीणों तक सूचना पहुंचाई जा सके। उनका यह भी कहना है कि गर्मी के मौसम में जल स्रोतों के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ जाती है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
मरवाही जंगल में पहुंचा हाथियों का दल, धान की खेती चौपट
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