जांजगीर-चांपा। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के दो निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां से कुल 1372 बोरी खाद जब्त की है। कार्रवाई कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर की गई। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मेसर्स सुरेश कुमार अग्रवाल, ग्राम पोड़ी (विकासखंड नवागढ़) के यहां से 1000 बोरी सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और 272 बोरी एनपीके खाद जब्त की गई। वहीं मेसर्स पटेल खाद भंडार, ग्राम तुस्मा से 100 बोरी यूरिया जब्त किया गया। जांच में पाया गया कि संबंधित विक्रेताओं द्वारा खाद के क्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए गए थे। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं किया गया था तथा पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में उपलब्ध खाद की मात्रा में भी अंतर पाया गया। इन अनियमितताओं के आधार पर उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश-1985 के तहत खाद को जब्त कर कार्रवाई की गई। उप संचालक कृषि ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त और समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग सतत निगरानी कर रहा है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, विभाग ने दी चेतावनी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले उर्वरक विक्रेताओं को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। खरीफ सीजन के दौरान जिलेभर में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, बिलों का अभाव, पीओएस मशीन और वास्तविक स्टॉक में अंतर अथवा कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तत्काल जब्ती और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसानों को भी किसी प्रकार की अनियमितता की सूचना विभाग को देने की अपील की गई है।