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गोबर गैस संयंत्रों को आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बनाने पर जोर

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बिलासपुर। जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों, तकनीकी अमले तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संयंत्र की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और उपयोगिता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोबर की उपलब्धता, गैस उत्पादन क्षमता, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और जैविक कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने संयंत्र के नियमित संचालन और अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसकी निरंतरता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
कलेक्टर ने स्थानीय गौठानों एवं पशुपालकों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सतत उपलब्धता से ही संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा अधिकारियों ने ग्रामीणों को बायोगैस के उपयोग, उसके आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ईंधन के रूप में बायोगैस अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि संयंत्र से प्राप्त गैस घरेलू ईंधन की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ इससे निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी है। इसके उपयोग से खेती की लागत कम होगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।
अधिकारियों ने जैविक खाद के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कलेक्टर ने संयंत्र की पाइपलाइन, वाल्व, डाइजेस्टर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के अंत में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों को संयंत्र की दैनिक प्रगति की निगरानी करने तथा नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की इस पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संयंत्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा और उससे प्राप्त गैस एवं जैविक खाद का अधिकतम उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा। ग्राम गनियारी में किया गया यह निरीक्षण जिले में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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