बिलासपुर । शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। सामाजिक कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि विकास सिंह ने नगर निगम प्रशासन, महापौर और जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया है कि सरकंडा क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। यदि नगर निगम के अधिकारी सरकंडा क्षेत्र, विशेषकर वार्ड क्रमांक 62 कपिल नगर में सप्लाई हो रहे पानी को पीकर दिखा दें तो उन्हें 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।वार्डवासी विकास सिंह ने कहा कि शहर की जनता को स्मार्ट सिटी और अत्याधुनिक सुविधाओं का सपना दिखाया गया था, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि लोग स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत मिशन योजना का उद्देश्य नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन सरकंडा क्षेत्र के अनेक इलाकों में लोगों को आज भी गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है। विकास सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर अमृत मिशन योजना लागू की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कई वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ है और सरकंडा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी मिसाल है।उनका कहना है कि वार्ड क्रमांक 62 कपिल नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन से आने वाला पानी कई बार इतना गंदा होता है कि उसका उपयोग पीने के लिए तो दूर, अन्य घरेलू कार्यों में भी नहीं किया जा सकता। दूषित पानी की वजह से कई लोग पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। पेयजल समस्या को लेकर पार्षद प्रतिनिधि राजेश शुक्ला द्वारा कई बार नगर निगम आयुक्त, निगम अधिकारियों और महापौर को लिखित व मौखिक में की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। विकास सिंह ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मिलने वाले पानी से दुर्गंध आती है। स्थिति ऐसी है कि लोग उस पानी को पीना तो दूर, सामान्य उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं मानते। गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में यह समस्या लगातार बनी रहती है। शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन इसके बावजूद नागरिकों को मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है
गंदे पानी की आपूर्ति से पीलिया बीमारी का बढ़ा खतरा, वार्डवासियों ने रखा 25 हजार का इनाम
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