• Mon. Jun 22nd, 2026

योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला है : मनोरंजन पाढ़ी

0 0
Read Time:4 Minute, 14 Second

बिलासपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर की मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शांत वातावरण और सकारात्मक संकल्पों के साथ किया गया। योगा विशेषज्ञ मनोरंजन पाढ़ी एवं नमिता पाढ़ी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया। योग सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, प्राणायाम एवं ध्यानात्मक अभ्यासों को सरल और वैज्ञानिक तरीके से कराया गया, जिससे सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी सहजता से जुड़ सके।
योगा विशेषज्ञ मनोरंजन पाढ़ी ने योग के व्यावहारिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योग अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तनाव एवं चिंता में कमी आती है, एकाग्रता बढ़ती है तथा जीवन में संतुलन और अनुशासन विकसित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जो मन, बुद्धि और संस्कारों को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। वातावरण में शांति, अनुशासन और एकाग्रता का विशेष अनुभव देखने को मिला। प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सामूहिक रूप से योग करने से ऊर्जा और आत्मबल में विशेष वृद्धि महसूस होती है।
कार्यक्रम के अंत में सेवाकेंद्र संचालिका बीके स्वाति दीदी ने योग और राजयोग मेडिटेशन के महत्व बताते हुए कहा कि आज की तेज़ गति वाली जीवनशैली में केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक सशक्तिकरण भी उतना ही आवश्यक है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मा स्वयं को परमात्मा से जोड़कर भीतर की शक्ति, शांति और पवित्रता का अनुभव कर सकती है।
बीके स्वाति दीदी ने यह भी बताया कि योग और मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। इससे न केवल व्यक्तिगत जीवन सुखमय बनता है, बल्कि परिवार और समाज में भी सौहार्द और सहयोग की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी को दैनिक जीवन में योग और ध्यान को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सभी भाई-बहनों ने अत्यंत बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में भाग लिया और आयोजन की सराहना की। प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे समाज में स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मकता का संदेश व्यापक रूप से फैल सके।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
भूपेन्द्र पाण्डेय

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *