बिलासपुर। अग्रज नाट्य दल, बिलासपुर द्वारा आयोजित चार दिवसीय योगेश स्मृति नाट्य समारोह का सोमवार को सिम्स ऑडिटोरियम में प्रख्यात अभिनेता, रंगकर्मी एवं निर्देशक रघुबीर यादव के चर्चित नाटक ‘पियानो’ की प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ भव्य समापन हुआ। समारोह के अंतिम दिन बड़ी संख्या में उपस्थित रंगप्रेमियों ने प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
रघुबीर यादव द्वारा रूपांतरित, निर्देशित एवं रंग-परिकल्पित नाटक ‘पियानो’ हास्य, रहस्य और मानवीय संवेदनाओं से बुनी एक मार्मिक प्रस्तुति है। लगभग डेढ़ घंटे की इस ट्रैजिकॉमेडी में आधुनिक जीवन के अकेलेपन, मानवीय रिश्तों और संवादहीनता को अत्यंत संवेदनशील ढंग से मंच पर उकेरा गया। नाटक की कथा उस दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जब डायल टेलीफोन ही संवाद का प्रमुख माध्यम हुआ करता था। पुराने बंबई में रहने वाले दो अकेले व्यक्तियों की कहानी एक अखबार में प्रकाशित ‘पियानो बिक्री हेतु’ के विज्ञापन से शुरू होती है। एक साधारण-सा फोन कॉल धीरे-धीरे हास्य, रहस्य और भावनात्मक संवादों की ऐसी श्रृंखला में बदल जाता है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। बातचीत के दौरान रघुबीर यादव कभी वृद्ध महिला, कभी छोटे बच्चे और कभी पियानो व्यापारी का रूप धारण करते हैं। चुटीले संवादों और सहज अभिनय के बीच नाटक अकेलेपन की पीड़ा, मानवीय संबंधों की गरिमा और जीवन की मार्मिक संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करता है। यह प्रस्तुति हंगेरियन लेखक फेरेंक कैरिंथी की मूल रचना ‘Steinway Grand’ से प्रेरित है।
नाटक में रघुबीर यादव और रोशिनी अचरेजा के सशक्त अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। प्रस्तुति के प्रकाश संयोजन आदर्श कुमार जिज्ञासु, सेट एवं प्रॉप्स विक्की कुमार, स्टेज मैनेजर अबीर यादव, ध्वनि संचालन शिवम शुक्ला, मेकअप बाला, कॉस्ट्यूम रोशिनी तथा प्रोडक्शन टीम अग्रज का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (एच.आर.) बिरंचि दास तथा विशिष्ट अतिथि डीन (सिम्स) डॉ. रमणेश मूर्ति एवं जीएम (एच.आर.) मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बिरंचि दास ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील बनाने और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का सशक्त मंच है। ऐसे आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक समृद्ध होती है तथा कलाकारों को नई ऊर्जा मिलती है।
डीन (सिम्स) डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स परिवार के लिए यह गौरव की बात है कि राष्ट्रीय स्तर के रंगकर्मियों की प्रस्तुतियों का साक्षी बनने का अवसर मिला। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं।
समारोह के दौरान भारतीय रंगमंच में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात रंगकर्मी रघुबीर यादव को ‘योगेश स्मृति कला सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान एसईसीएल के निदेशक (कार्मिक) बिरंचि दास के हाथों प्रदान किया गया। इसके साथ ही आधारशिला ग्रुप, महाराष्ट्र मंडल, बिलासा कला मंच सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा रघुबीर यादव का नागरिक सम्मान भी किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद रघुबीर यादव ने कहा, ऐसा लगता है “मैं बार-बार बिलासपुर आता रहा हूँ। मैं जो भी मंच पर कर पाया, वह आप सभी दर्शकों के प्यार और प्रतिक्रिया की वजह से कर पाया। कलाकार की असली ताकत दर्शकों का स्नेह और उनका अपनापन ही होता है।” उनके इन शब्दों पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में अभिनेता पीयूष मिश्रा, डॉ. अजय श्रीवास्तव, डॉ. योगेन्द्र चौबे, डॉ. सुप्रिया भारतीयन, सुभाष मिश्रा, मोहन देव पुजारी, महेश श्रीवास, सत्यभामा अवस्थी, एसईसीएल के अधिकारी एवं कर्मचारी, शहर के गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, रंगकर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।