• Thu. Jul 16th, 2026

बाल संप्रेक्षण गृह : प्रयागराज से एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

0 0
Read Time:6 Minute, 16 Second

बिलासपुर। सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा गार्ड नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या के बहुचर्चित मामले में बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के बाद फरार हुए चार आरोपियों में से एक आरोपी दिनेश राठिया उर्फ कोकड़ू को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उससे वारदात की साजिश, फरारी के नेटवर्क और अन्य तीन फरार आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजन पिछले चार दिनों से बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर धरने पर बैठे हैं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपियों ने सबसे पहले बाल संप्रेक्षण गृह का सीसीटीवी डीवीआर अपने कब्जे में लिया, ताकि घटना के सबूत मिटाए जा सकें। इसके बाद वे मृतक नरेंद्र खांडे की बाइक और चाबी लेकर फरार हो गए। जांच में पता चला कि सभी आरोपी पहले कटघोरा पहुंचे, जहां परिचितों से पैसों का इंतजाम किया और फिर बस से अंबिकापुर पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद चारों अलग-अलग दिशाओं में निकल गए, ताकि पुलिस की कार्रवाई से बच सकें। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी दिनेश राठिया की लोकेशन प्रयागराज में ट्रेस की। इसके बाद विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में फरार आरोपियों के ठिकानों और हत्या की पूरी साजिश से जुड़े अहम सुराग मिलेंगे

प्रारंभिक जांच के अनुसार तखतपुर क्षेत्र के ग्राम अरईबंद निवासी 42 वर्षीय नरेंद्र कुमार खांडे बाल संप्रेक्षण गृह में सहायक सह रात्रि चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उनकी हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उनके हाथ-पैर बांधे, फिर बेरहमी से मारपीट की, गला दबाया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार बाल संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध चार अपचारी बालकों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद फरार हो गए। इनमें तीन रायगढ़ और एक कोरबा जिले का निवासी बताया जा रहा है। घटना के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

इधर मृतक के परिजन सोमवार सुबह से बाल संप्रेक्षण गृह के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन को चार दिन हो चुके हैं। धरने को भीम आर्मी, सतनामी समाज, आम आदमी पार्टी सहित कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारी सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। धरनास्थल पहुंचीं आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह में एक नाबालिग की मौत हुई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विभाग ने उस घटना से कोई सबक नहीं लिया, जिसके चलते एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। मृतक की पत्नी सीमा खांडे ने बताया कि नरेंद्र खांडे का मार्च में दूसरे स्थान पर तबादला हो चुका था, लेकिन प्रभारी अधिकारी सुजाता हालदार ने उन्हें वहीं रोके रखा। उन्होंने कहा कि गृह में करीब 50 बाल अपचारी हैं, जबकि सुरक्षा के लिए केवल दो चौकीदार तैनात थे। धरनारत परिजनों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी, दोषी अधिकारियों का निलंबन, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाना तथा मामले की निष्पक्ष जांच शामिल है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
भूपेन्द्र पाण्डेय

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *