बिलासपुर। कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को अत्याधुनिक ब्लड सेंटर के संचालन की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से लाइसेंस मिलने के बाद अस्पताल में जल्द ही मरीजों को सिंगल डोनर प्लेटलेट (एसडीपी) की सुविधा उपलब्ध होगी। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक ब्लड सेंटर का निर्माण एनटीपीसी सीपत ने सीएसआर मद से कराया है। आधुनिक उपकरणों और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया यह केंद्र प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे उन्नत ब्लड सेंटरों में शामिल होगा। केंद्र की स्थापना और विकास में अस्पताल के संचालक प्राध्यापक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन और ब्लड बैंक के क्षेत्र में उनके 25 वर्षों के अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस ब्लड सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां सिंगल डोनर प्लेटलेट तैयार कर मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा होगी। एसडीपी सुविधा डेंगू, कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, थैलेसीमिया और गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही, गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को निजी संस्थानों पर निर्भरता और महंगे उपचार से भी राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि ब्लड सेंटर का उद्देश्य केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय ट्रांसफ्यूजन सेवाएं प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीपी सुविधा की शुरुआत एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और एनटीपीसी सीपत का आभार जताया है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर बिलासपुर संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधा साबित होगा।
सीएसआर पहल से स्पेशियलिटी अस्पताल को बड़ी सौगात
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