बिलासपुर। शराब दुकान के पूर्व कर्मचारी को पता था कि शनिवार व रविवार को अवकाश रहने के कारण शराब दुकान की पैसे बैंक में जमा नहीं होता है। शराब दुकान दुकान में ही रखते हैं। चार आरोपियों ने लूटपाट की योजना बनाई और शनिवार को ही वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी व पूर्व स्टाफ फरार हैं। मस्तूरी पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल धु्रव उर्फ अन्ना (24) निवासी सोनू पान सेंटर, देखरीखुर्द, थाना तोरवा, पिंटू निषाद (25) निवासी धान मंडी के पीछे, तोरवा, सुशील निर्मलकर (24) निवासी हेमूनगर अटल आवास तोरवा ने मिलकर वारदात से पहले देवरीखुर्द से दोपहिया वाहनों पर निकले थे। पहले वे बूटापारा-फरहदा मार्ग से मोपका शराब दुकान पहुंचे, लेकिन वहां ज्यादा चहल-पहल होने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद आरोपी चिल्हाटी-फरहदा होते हुए गतौरा शराब दुकान पहुंचे और वहां लूट की वारदात को अंजाम दिया। 3 अगस्त की रात 3.30 बजे 4 नकाबपोश बदमाश गतौरा शराब दुकान पहुंचे। सभी काले कपड़े पहने हुए थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मी साहिल राय और हरकुंवर पंकज के सिर और गर्दन पर चाकू अड़ाकर दुकान की चाबी मांगी। सुरक्षाकर्मियों ने चाबी नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और दाहिने हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए। आरोपियों ने शराब दुकान का ताला तोडक़र अंदर प्रवेश किया। इसके बाद ग्राइंडर कटर मशीन और छेनी की मदद से लॉकर तोडऩे की कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हुए। नकदी नहीं मिलने पर आरोपी दुकान के काउंटर में रखी कुछ शराब की बोतलें, दोनों सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर लेकर फरार हो गए। कर्ज से छुटकारा पाने और रुपए जुटाने के लिए आरोपियों ने अपने साथियों अनिल धु्रव उर्फ अन्ना, सुशील निर्मलकर और पिंटू निषाद के साथ मिलकर शराब दुकान में लूटने की प्लानिंग बनाई थी। आरोपी सुशील निर्मलकर की नीले रंग की स्कूटी और पिंटू निषाद की बाइक से वारदात के लिए निकले थे।
शराब दुकान का पूर्व स्टाफ चोरी की वारदात को दिया अंजाम
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