बिलासपुर। यातायात बिलासपुर पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी व तकनीकी रूप से सक्षम बनाने प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत ई-रिक्शा के डिजिटल पंजीकरण, क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर आवागमन को सुरक्षित संचालित करने का प्रयास किया गया है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य ई-रिक्शा चालकों व वाहनों की जानकारी को डिजिटल रूप से सुरक्षित, व्यवस्थित करना व आम नागरिकों को यात्रा के दौरान एक विश्वसनीय, सत्यापित पहचान व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक ई-रिक्शा को एक विशिष्ट डिजिटल आईडी, क्यूआर कोड प्रदान किया जाएगा। ई-रिक्शा में लगाए गए क्यूआर कोड को यात्री अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर संबंधित ई-रिक्शा, चालक की उपलब्ध जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे यात्रियों को वाहन में बैठने से पूर्व आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी। किसी आवश्यकता या आपात स्थिति में संबंधित जानकारी को साझा करना भी आसान होगा। डिजिटल पंजीकरण के दौरान ई-रिक्शा चालक की पहचान संबंधी जानकारी, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन संबंधी विवरण, फोटो व अन्य आवश्यक जानकारियों को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित किया जाएगा। इससे ई-रिक्शा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासन, पुलिस के लिए आवश्यकतानुसार सत्यापन, निगरानी को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों व आम यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। क्यूआर आधारित डिजिटल पहचान व्यवस्था के माध्यम से यात्री संबंधित ई-रिक्शा की जानकारी आसानी से देख व आवश्यकता पडऩे पर अपने परिजनों, संबंधित व्यक्ति के साथ साझा कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से ऐसे समय में उपयोगी साबित हो सकती है, जब किसी यात्री को वाहन, चालक व यात्रा से संबंधित जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना आवश्यक हो डिजिटल रिकॉर्ड से मजबूत होगी।
क्यू आर कोड बताएगा ई-रिक्शा की पूरी पहचान, यात्रियों की बढ़ेगी सुरक्षा
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