बिलासपुर। खाद की कालाबाजारी, अनावश्यक भंडारण और वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए कृषि विभाग ने उर्वरक वितरण की डिजिटल व्यवस्था शुरू की है। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) के तहत अब किसानों को एप के माध्यम से क्यूआर कोड और टोकन जारी किए जाएंगे। इसके आधार पर किसान अपनी जरूरत के मुताबिक निर्धारित दर पर उर्वरक खरीद सकेंगे। बिल्हा विकासखंड के सेंदरी स्थित मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर्स में इस व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। यहां एफएफएस एप के जरिए किसानों को टोकन जारी कर खाद वितरित की गई। ग्राम सेंदरी के सनत कश्यप और सरला देवी अग्रवाल को एक-एक बोरी यूरिया दी गई। वहीं ग्राम मटियारी के विनोद सिंह को सेवा सहकारी समिति सेंदरी से एक बोरी डीएपी प्रदान की गई। कृषि विभाग के उप संचालक एमआर तिग्गा के अनुसार, नई व्यवस्था में किसान को पहले एफएफएस एप पर अपनी कृषि भूमि और बोई गई फसल का विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद आवश्यक उर्वरक और उसकी मात्रा चुनकर संबंधित विक्रेता का चयन करना होगा। एप से जारी क्यूआर कोड या टोकन दिखाने पर विक्रेता खाद उपलब्ध कराएगा। इस व्यवस्था से किसानों को उनकी खेती के रकबे और फसल के अनुरूप उर्वरक मिलेगा। साथ ही मांग, उपलब्धता, बिक्री और वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। कृषि विभाग किसानों को एप के उपयोग का प्रशिक्षण देने के लिए किसान चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहा है। विभाग ने किसानों से डिजिटल टोकन के माध्यम से ही उर्वरक खरीदने की अपील की है।
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने नई व्यवस्था शुरू
Read Time:2 Minute, 22 Second