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पार्षद बोले– सुनवाई नहीं तो होगा आंदोलन, प्रशासन की लापरवाही पर नाराज़गी

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बिलासपुर :— बिलासपुर के वार्ड नंबर 51, राजकिशोर नगर में पानी की किल्लत ने पिछले कई दिनों से निवासियों का जीवन दूभर कर रखा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की अनियमित और अपर्याप्त आपूर्ति ने क्षेत्रवासियों को गंभीर संकट में डाल दिया है। स्थानीय लोग बिजली कटौती और मोटर पंपों की तकनीकी खराबी को इस समस्या का प्रमुख कारण मान रहे हैं। क्षेत्र में लगे अधिकांश मोटर पंपों में घटिया क्वालिटी की वायरिंग और पुराने उपकरणों का उपयोग किया गया है, जिसके चलते पंप बार-बार खराब हो रहे हैं या जल रहे हैं। इस वजह से पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है, और कई घरों में नल सूखे पड़े हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की कमी ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह-शाम पानी के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, और कई परिवारों को दूर-दूर तक पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। खासकर महिलाएं और बच्चे इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पार्षद प्रितेश सोनी ने बताया कि वार्ड में पांच से छह मोटर पंप होने के बावजूद पानी की सप्लाई बेहद धीमी और अनियमित है। कई इलाकों में पानी का दबाव इतना कम है कि यह घरों तक पहुंच ही नहीं पाता। सोनी ने इस मुद्दे को कई बार जोन कमिश्नर और नगर निगम अधिकारियों के सामने उठाया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जोन कमिश्नर ने पानी की कमी का कारण भूजल स्तर में गिरावट बताया, लेकिन निवासियों का कहना है कि यह जवाब केवल जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का बहाना है।

पानी की समस्या को और गंभीर बना रही है विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी। कुछ दिन पहले राजकिशोर नगर स्थित बिजली विभाग के शिकायत कार्यालय में एक कर्मचारी के सोते हुए वीडियो के वायरल होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा बार-बार की जा रही बिजली कटौती और पंप चालकों की अनियमितता इस संकट की जड़ में है। कई बार पंप चालक समय पर पंप शुरू नहीं करते, और एक साथ सभी पंपों को खोला नहीं जाता जिससे पानी की आपूर्ति और बाधित हो रही है।स्थानीय निवासी ने बताया कि “पंप चालक अपनी मर्जी से काम करते हैं। सुबह जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब पंप बंद रहता है। हमारी शिकायतों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।” इसके अलावा, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता ने भी निवासियों का गुस्सा भड़का दिया है। गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की जरूरत सबसे ज्यादा है, प्रशासन की लापरवाही ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया है।

पार्षद एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनकी मांग है कि मोटर पंपों की वायरिंग और उपकरणों को तुरंत दुरुस्त किया जाए, बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, और पंप चालकों की मनमानी पर कड़ा अंकुश लगाया जाए। इसके साथ ही, पानी की आपूर्ति को नियमित करने के लिए एक ठोस योजना लागू करने की जरूरत है।पार्षद प्रितेश सोनी ने सख्त लहजे में कहा, “हमने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन उनकी उदासीनता बरकरार है। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हम आंदोलन करने को मजबूर होंगे।” निवासियों ने भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें अनसुनी रहीं, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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