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राजयोग से बढ़ता है आत्मबल, तंबाकू की लत से मिल सकती है स्थायी मुक्ति: मंजू दीदी

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बिलासपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के प्रभु दर्शन भवन एवं शिव अनुराग भवन में आयोजित रविवार विशेष सतसंग में मंजू दीदी ने परमात्म महावाक्य सुनाने के साथ तंबाकू एवं अन्य नशों से होने वाले दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाते हुए राजयोग मेडिटेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला।

दीदी ने कहा कि नशा छोड़ने के लिए केवल संकल्प पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके लिए मन की शक्ति और आत्मिक जागृति भी आवश्यक है, जो राजयोग के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से शक्ति प्राप्त करता है, तब वह कमजोरियों, बुरी आदतों और नशे जैसी बंधनों पर सहज विजय प्राप्त कर सकता है।

दीदी ने कहा कि तंबाकू शरीर को अनेक गंभीर बीमारियों की ओर ले जाता है, जबकि राजयोग मन को शांति, स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान करता है। तनाव, चिंता और मानसिक दबाव नशे की ओर ले जाने वाले प्रमुख कारण हैं, लेकिन राजयोग व्यक्ति को इन परिस्थितियों से ऊपर उठकर आत्मविश्वास और आत्मबल के साथ जीवन जीना सिखाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों एवं नागरिकों को यह संकल्प कराया गया कि वे स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर तो रहते ही हैं तथा साथ ही अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सहयोग करेंगे। साथ ही यह संदेश दिया गया कि “जो व्यक्ति अपने मन का मालिक बन जाता है, वह किसी भी प्रकार की लत का गुलाम नहीं रह सकता।”

अंत में सभी ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर स्वस्थ, स्वच्छ और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए राजयोग मेडिटेशन को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। परमात्म स्मृति, आत्मजागृति और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से ही व्यक्ति अपने जीवन में सच्ची स्वतंत्रता, स्वास्थ्य और खुशहाली का अनुभव कर सकता है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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