बिलासपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक रविवार को बिलासपुर के प्रार्थना भवन में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों के अध्यक्षों सहित प्रांतीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए। मुख्य अतिथि डॉ. विनय पाठक ने कहा कि पेंशनर सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने ईमानदारी, अनुशासन और निष्ठा के आधार पर प्रदेश में अपनी अलग पहचान कायम की है। पेंशनर वर्ग संगठन के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है, क्योंकि महासंघ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास में पेंशनरों से योगदान देने का आग्रह भी किया। प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने संगठन की आगामी कार्ययोजना और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने 2 प्रतिशत महंगाई राहत की मांग को लेकर जिला व संभाग स्तर पर किए गए प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रमों के लिए पदाधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव से हुई चर्चा की जानकारी भी साझा की। साथ ही 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर दिवस गरिमा के साथ मनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट संगठनात्मक कार्य के लिए बीके वर्मा, आरएन ताटी और प्रवीण कुमार त्रिवेदी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बैठक में जनवरी 2027 की अगली प्रांतीय कार्यसमिति बैठक बस्तर संभाग में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
पेंशनर्स महासंघ ने प्रदेश में बनाई अलग पहचान: डॉ. पाठक
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