बिलासपुर। सेजेस लिंगियाडीह में विद्यार्थियों ने गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मकता से जोड़ते हुए मिट्टी से गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘माटी के गणेश’ प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक हुनर का प्रदर्शन किया। मिट्टी से प्रतिमा निर्माण की इस गतिविधि में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोडऩे के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से अलग-अलग स्वरूपों में गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। प्रतिमा निर्माण के दौरान बच्चों ने आकार, सजावट और रचनात्मक संदेशों के जरिए अपनी कला प्रतिभा दिखाई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एमके मिश्रा के मार्गदर्शन एवं व्याख्याता रश्मि गुप्ता के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रतिमाओं का चयन रचनात्मकता, कलात्मक कौशल, प्रतिमा की सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के आधार पर किया गया। निर्णायक व्याख्याता लीना कौशिक और प्रतिभा श्रीवास्तव ने परिणाम घोषित किए। प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं ‘अ’ के छात्र मयंक भोई ने प्रथम, कक्षा 12वीं गणित की भूमि साहू ने द्वितीय और कक्षा 9वीं की माधुरी साहू ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिमा को परंपरा के अनुसार तीन दिनों के लिए विद्यालय में स्थापित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने विजेता विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ संस्कृति और प्रकृति के प्रति प्रेम एवं जिम्मेदारी की भावना मजबूत करती हैं।
मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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