बिलासपुर। रिहायशी कॉलोनी रामा वैली में सरकारी जमीन पर सर्किट हाउस बनाने को लेकर विवाद हो गया है। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे स्थित इस कॉलोनी की कोटवारी जमीन पर कालोनाइजर के कब्जे की शिकायत हुई थी। जांच के बाद प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया था। अब इसी सरकारी जमीन पर करीब 17 करोड़ की लागत से सर्किट हाउस बनाने की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। शनिवार को भूमि पूजन के लिए डिप्टी सीएम अरुण साव पहुंचे तो कॉलोनी के रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं और अन्य रहवासियों ने कॉलोनी के मुख्य गेट पर डिप्टी सीएम का काफिला रोक दिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा हुआ। रहवासियों का कहना है कि उन्हें कॉलोनी के भीतर सर्किट हाउस बनाए जाने की जानकारी कार्यक्रम से ठीक एक रात पहले मिली। उनका आरोप है कि अधिकांश कॉलोनीवासियों से सहमति लिए बिना निर्माण का फैसला लिया गया। रहवासियों ने डिप्टी सीएम के सामने आपत्ति जताते हुए कहा कि पॉश रिहायशी कॉलोनी के बीच सरकारी रेस्ट हाउस बनने से उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा प्रभावित होगी। साथ ही कॉलोनी में सामान्य आवागमन पर भी असर पडऩे की बात कही। विरोध की सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। बाद में कलेक्टर संजय अग्रवाल भी वहां पहुंचे और रहवासियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, लोग अपनी आपत्ति पर अड़े रहे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। प्रशासन ने रहवासियों को समझाइश देकर शांत कराया। इसके बाद विरोध के बीच सर्किट हाउस का भूमि पूजन कराया गया। डिप्टी सीएम द्वारा विधि विधान के साथ कार्यक्रम को संपन्न कराया गया। इस अवसर पर पुलिस अफसर, जवान और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
रामा वैली परिसर में विरोध के बीच डिप्टी सीएम ने किया भूमि पूजन
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