बिलासपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला बिलासपुर की बिलासपुर तहसील इकाई ने बुधवार को तहसीलदार को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष खगेश के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के लंबित भुगतान, फसलों के समर्थन मूल्य और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। संघ ने धान खरीदी वर्ष 2022-23 की लंबित 1700 करोड़ रुपए की राशि किसानों को तत्काल जारी करने की मांग की। साथ ही धान के समर्थन मूल्य में कृषक उन्नति योजना के तहत प्रतिवर्ष 800 रुपए जोडऩे और सब्जी-फल उत्पादक किसानों को भी योजना में शामिल करने की मांग रखी। ज्ञापन में धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने तथा प्रति तौल 40 किलो 700 ग्राम से अधिक धान नहीं लेने का आदेश जारी करने की मांग की गई। एग्रीस्टेक पंजीयन की समस्याओं को देखते हुए प्रक्रिया में शिथिलता और टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई गई। संघ ने गन्ने के मूल्य में 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी कर उसे कृषक उन्नति योजना से जोडऩे, अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने तथा पैरी हाईडैम योजना को मंजूरी देने की मांग की। इसके अलावा खाद की अधिक कीमत पर बिक्री रोकने, बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक और भूमि अधिग्रहण में उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार कार्रवाई की मांग भी शामिल है। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष माधव सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दीघ्रस्कर सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धान खरीदी और लंबित भुगतान को लेकर किसान संघ ने सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन
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