बिलासपुर। डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा इंजीनियर्स दिवस के अवसर पर तकनीकी नवाचार, व्यावहारिक ज्ञान और इंजीनियरिंग की बदलती भूमिका पर केंद्रित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) हिमांशु जैन रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि आज के इंजीनियर के लिए केवल तकनीकी डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित करना आवश्यक है। उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय से ही नवाचार को वास्तविक उपयोग में बदला जा सकता है। विद्यार्थियों को प्रयोगशाला से लेकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों तक अपने ज्ञान का उपयोग करना चाहिए। शोध में मौलिकता, कार्य में पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग में नैतिकता इंजीनियरिंग की वास्तविक पहचान है। कृषि, ऊर्जा, खनन और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में युवा इंजीनियर देश के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में समस्या समाधान, नवाचार और व्यावहारिक सोच विकसित करना है। प्रयोग आधारित शिक्षा से विद्यार्थी तकनीक को समाज की जरूरतों से जोड़ सकते हैं। कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने कहा नवाचार तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज तक पहुंचे। एआई कौशल रथ जैसी पहल विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ते हुए तकनीकी ज्ञान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। संकुलपति डॉ. जयति चटर्जी मित्रा ने कहा उत्कृष्ट इंजीनियरिंग के लिए गुणवत्ता, सुरक्षा और स्थिरता तीन महत्वपूर्ण आधार हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी पोस्टर प्रस्तुति, कोडिंग प्रतियोगिता, इंजीनियरिंग पिक्शनरी और टेक्निकल क्विज सहित विभिन्न तकनीकी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी समझ, तार्किक क्षमता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पॉलीटेक्निक तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रत्युष ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार तिवारी, डॉ. सौरभ मित्रा सहित संकाय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। डॉ. पल्लवी जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों ने तकनीकी प्रतिभा, नवाचार और इंजीनियरिंग के प्रति अपनी रुचि का प्रदर्शन किया। सीवीआरयू में विद्यार्थियों द्वारा ओजोन दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ओजोन परत के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना रहा। विद्यार्थियों ने पोस्टर, स्लोगन एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से ओजोन परत को होने वाले नुकसान और इसके संरक्षण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग तथा प्रदूषण कम करने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी लिया। इसकी समन्वयक डॉ. रश्मि वर्मा रही।
सीवीआरयू में इंजीनियर्स डे पर नवाचार का प्रदर्शन, नई पीसीबी लैब का हुआ उद्घाटन
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