बिलासपुर। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर बैमा-नगोई स्थित मां महामाया धाम में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। मंदिर में सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार सहित पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मनोकामना ज्योति के दर्शन किए। इस वर्ष धाम में कुल 1202 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। इनमें 211 घृत ज्योति और 981 तेल ज्योति शामिल हैं। मां महामाया के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देश की सीमाओं से परे भी दिखाई दे रही है। स्विट्जरलैंड, सऊदी अरब और इंग्लैंड सहित देश के विभिन्न शहरों से भक्तों ने मनोकामना ज्योति जलवाई है। हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा, गुजरात, ग्वालियर, इंदौर, संबलपुर, मैनपुरी, रायपुर और बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भी इसमें शामिल हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी श्री जोशी के मार्गदर्शन में पंडित शुभम सहित अन्य सेवक पूजा-अर्चना की व्यवस्था संभाल रहे हैं। वहीं, नगोई स्थित वैष्णो धाम में भी 139 ज्योतियां प्रज्ज्वलित की गई हैं। ग्राम पंचायत बैमा के सरपंच फतेहलाल सूर्यवंशी ने बताया कि वर्ष 1984 में गिलहरी बाबा की देखरेख में 21 ज्योतियों के साथ यह परंपरा शुरू हुई थी। वर्ष 1987 में इनकी संख्या बढक़र 51 हो गई। आज श्रद्धालुओं की आस्था के चलते ज्योति कलश की संख्या हजारों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि गिलहरी बाबा की कृपा और मां महामाया के आशीर्वाद से क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों के साथ विकास को भी गति मिली है। नवरात्र के दौरान धाम में भक्तों की बढ़ती संख्या क्षेत्र की धार्मिक आस्था को दर्शाती है।
स्विट्जरलैंड, सऊदी अरब और इंग्लैंड तक फैली मां महामाया की आस्था
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