बिलासपुर। नवरात्रि में मां महामाया के दर्शन के लिए रतनपुर पहुंचे श्रद्धालुओं को इस बार आस्था के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला। मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय आयुष स्वास्थ्य शिविर में 1800 से अधिक श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं। 11 से 20 अक्टूबर तक चले इस शिविर में आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति से उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया। शिविर में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श लिया। चिकित्सकों ने जोड़ों के दर्द, कमर और गर्दन की तकलीफ, गैस, अपच, कब्ज, सर्दी-खांसी और त्वचा रोगों की जांच की। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अनिद्रा और तनाव से परेशान लोगों को भी आवश्यक परामर्श और औषधियां दी गईं। इसके साथ श्रद्धालुओं को आयुर्वेदिक काढ़ा भी वितरित किया गया। शिविर में उपचार के साथ रोगों से बचाव और बेहतर स्वास्थ्य के उपाय भी बताए गए। जड़ी-बूटियों के स्टॉल के माध्यम से उनके उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं, योग प्रदर्शन कर नियमित अभ्यास, संतुलित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। संचालनालय आयुष रायपुर के निर्देश और जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर का संचालन प्रभारी डॉ. राजेश दुबे ने किया। इसमें विभिन्न चिकित्सकों, योग विशेषज्ञों और संबंधित औषधालयों के कर्मचारियों ने सेवाएं दीं। शिविर में नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को काफी लाभ हुआ। धार्मिक आयोजन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल से लोगों को दर्शन के साथ अपनी सेहत की जांच और उपचार कराने का अवसर मिला।
महामाया मंदिर परिसर में 1800 से अधिक लोगों का उपचार
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