बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण, अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने में आ रही बाधाओं का निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। एसटीपी निर्माण में विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए तैयार 250 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा 250.93 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित 70 नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन, 2 नए एसटीपी सहित विद्युतीकरण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का गंदा पानी नदी में जाने से पहले उपचारित किया जाएगा।
अरपा नदी संरक्षण में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी: साव
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