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विद्यार्थियों ने सीखा कानून, सुरक्षा और पुलिसिंग का पाठ

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रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में जन-जागरूकता एवं सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेए 8 जुलाई को बैहामुड़ा, घरघोड़ा स्थित जन मित्रम एसपी सिंह मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने थाना घरघोड़ा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों को पुलिस थाना, आधुनिक पुलिसिंग, नए आपराधिक कानूनों और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें थाने में आने वाली शिकायतों की प्राप्ति से लेकर एफआईआर दर्ज होने, विवेचना, साक्ष्य संकलन, आरोपी की गिरफ्तारी, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा पीडि़तों को न्याय दिलाने तक की पूरी कार्यवाही को सरल भाषा में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद पुलिस व्यवस्था अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित हो गई है, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पुलिस कार्यप्रणाली, अपराधों की जांच, गिरफ्तारी, साइबर अपराध और कानून से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। थाना प्रभारी ने सभी प्रश्नों का सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के साथ उत्तर देकर बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, नए कानूनों के प्रमुख प्रावधानों तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के बारे में भी जानकारी दी। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी घटना की सत्य एवं सही जानकारी पुलिस को देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा झूठी शिकायत या गलत जानकारी देना भी दंडनीय अपराध हो सकता है।  कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि यदि कभी कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करे तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा उनकी मित्र और संरक्षक है। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के सुरक्षित उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी बच्चों को ऑनलाइन गेम, फर्जी लिंक, लालच या भावनात्मक बातों के माध्यम से अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। कई बार बच्चे अनजाने में अपने माता-पिता के बैंक खाते, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे आर्थिक ठगी हो सकती है।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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