बिलासपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में कथित तौर पर भगवान श्रीराम, माता सीता, भारतीय सेना, संत प्रेमानंद महाराज, आरएसएस, बजरंग दल और भारत माता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में रविवार को नवाडीह चौक सीपत में सर्व हिंदू समाज ने आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कथित टिप्पणी करने वाले कुणाल कामरा का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।
प्रदर्शन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग, राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कथित आपत्तिजनक बयानों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ऐसी टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। विश्व हिंदू परिषद सीपत प्रखंड अध्यक्ष रविकांत राजवाड़े ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर सनातन धर्म, साधु-संतों और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ बार-बार अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, भारतीय सेना और भारत माता का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्व हिंदू समाज किसी भी छात्र आंदोलन के विरोध में नहीं है। प्रदर्शन करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है और छात्र आंदोलन का सम्मान किया जाता है। लेकिन छात्र आंदोलन की आड़ में देश में अशांति फैलाने, दंगा भडक़ाने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का विरोध किया जाएगा। पुतला दहन के बाद उपस्थित लोगों ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को नमन किया। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए गए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र और सेना के सम्मान को सर्वोच्च बताया।
सीजेपी के मंच से कथित विवादित टिप्पणी पर हिंदू समाज का आक्रोश
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