• Tue. Jul 28th, 2026

मक्कार कहने पर निगर निगम के इंजीनियरों में आक्रोश, कार्रवाई की उठाई मांग

0 0
Read Time:5 Minute, 28 Second

बिलासपुर। एमआईसी की बैठक में नगर निगम के इंजीनियरों को मक्कार कहने पर अभियंता संवर्ग में भारी आक्रोश हैं। सोमवार को सभी इंजीनियरों ने एकजूट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की गई है। नगर पालिक निगम बिलासपुर में पदस्थ समस्त अभियंताओं का कहना है कि 24 जुलाई को आयोजित मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में एक एमआईसी सदस्य बंधू मौर्य द्वारा नगर निगम के समस्त अभियंताओं के संबंध में मक्कार जैसे शब्द का प्रयोग करते हुए सामूहिक टिप्पणी की गई, जिसका उल्लेख समाचार माध्यमों में भी प्रकाशित हुआ है। उक्त शब्द सामान्य कार्य-संबंधी आलोचना तक सीमित न होकर अभियंता संवर्ग की ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, कार्यप्रणाली व व्यावसायिक प्रतिष्ठा पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है। किसी संवैधानिक व संस्थागत बैठक में पूरे अभियंता संवर्ग के लिए इस प्रकार की सामान्यीकृत, अपमानजनक भाषा का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अस्वीकार्य व मनोबल को प्रभावित करने वाला है। नगर निगम के अभियंताओं द्वारा केवल निर्माण स्थलों का निरीक्षण व पर्यवेक्षण ही नहीं किया जाता, बल्कि सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा दस्तावेज, निर्माण कार्यों का मापन, माप-पुस्तिका, देयक, गुणवत्ता नियंत्रण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, भवन अनुज्ञा, भूमि सीमांकन, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, जलप्रदाय, जल निकासी, नाली सफाई, सडक़ प्रकाश, नागरिक शिकायतों का निराकरण, न्यायालयीन प्रकरणों के जवाब, विभिन्न पोर्टलों की जानकारी, एमआईसी व सामान्य सभा की जानकारी, बाढ़ नियंत्रण, आपदा राहत, निर्वाचन, भूमिपूजन, लोकार्पण कार्यक्रमों की तैयारी जैसे अनेक तकनीकी व प्रशासनिक दायित्व संपादित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त अभियंताओं से अलग-अलग जोन व विभागों में कार्य की आवश्यकता, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार अभियंताओं को बार-बार स्थल निरीक्षण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन संशोधन करना पड़ता है। भूमि उपलब्धता, सीमांकन, अतिक्रमण, बजट की उपलब्धता, स्थल परिवर्तन, विभागीय स्वीकृतियों व अन्य शाखाओं से समन्वय के कारण भी कार्यों के क्रियान्वयन में समय लगना स्वाभाविक है।  अलग-अलग जोन व विभागों में पर्याप्त लिपिकीय कर्मचारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक, सुपरवाइजर व मैदानी अमले की उपलब्धता भी समान नहीं है। सहायक अमले के अभाव में अनेक अभियंताओं को तकनीकी दायित्वों के साथ नस्ती, पत्राचार, जानकारी प्रतिवेदन तैयार करने, पोर्टल प्रविष्टि व अन्य प्रशासनिक कार्य भी स्वयं संपादित करने पड़ते हैं। सीमित संसाधनों, अत्यधिक कार्यभार व विविध दायित्वों के बावजूद अभियंताओं द्वारा निगम के विकास कार्यों, मूलभूत नगरीय सेवाओं, नागरिक समस्याओं के निराकरण का कार्य निरंतर किया जा रहा है। ऐसी वास्तविक कार्य परिस्थितियों का समुचित आकलन किए बिना पूरे अभियंता संवर्ग के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना न्यायोचित नहीं है। एमआईसी बैठक में की गई उक्त सामूहिक एवं अपमानजनक टिप्पणी का अधिकृत रूप से संज्ञान लिया जाए। संबंधित एमआईसी सदस्य द्वारा उक्त टिप्पणी को सार्वजनिक रूप से वापस लेते हुए समस्त अभियंता संवर्ग से सामूहिक क्षमा-याचना की जाए। अभियंता संर्ग की आपत्ति को एमआईसी की आगामी बैठक के कार्यवृत्त में विधिवत दर्ज किया जाए। भविष्य में किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के संबंध में सार्वजनिक या संस्थागत बैठक में असम्मानजनक, व्यक्तिगत अथवा सामूहिक टिप्पणी की पुनरावृत्ति रोकने हेतु स्पष्ट व्यवस्था एवं आचार-मानक निर्धारित किए जाएं।।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
भूपेन्द्र पाण्डेय

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *