जांजगीर-चांपा। शराब पीकर वाहन चलाना अब महंगा पडऩे के साथ-साथ सामाजिक दायित्व भी निभाने पर मजबूर करेगा। शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए सरखो निवासी विजय सूर्यवंशी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय जांजगीर ने 15 हजार रुपए के अर्थदंड के साथ 30 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार विजय सूर्यवंशी को 28 अगस्त 2026 से प्रतिदिन सुबह तीन घंटे यातायात शाखा एवं थाना कोतवाली जांजगीर में साफ-सफाई का कार्य करना होगा। इस तरह एक माह तक वह प्रतिदिन तीन घंटे सामुदायिक सेवा करेगा। यातायात पुलिस ने विजय सूर्यवंशी को शराब सेवन की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। वाहन जब्त कर उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। बताया गया कि आरोपी इससे पहले भी शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा जा चुका था, जिस पर उसे 10 हजार रुपए का अर्थदंड भुगतना पड़ा था। दोबारा इसी तरह का कृत्य करने पर न्यायालय ने कठोर एवं समाजोपयोगी दंड सुनाया। पुलिस के अनुसार सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शराबी वाहन चालकों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में यातायात पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान के साथ नियम तोडऩे वालों पर कार्रवाई की जा रही है। न्यायालय का संदेश: शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ सामुदायिक सेवा जैसे दंड से सडक़ सुरक्षा और जनजागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया है।
शराबी ड्राइवर को कोर्ट ने सिखाया सबक, 15 हजार जुर्माना और 30 दिन सफाई की सजा
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