जांजगीर-चांपा। जिले में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने त्वरित प्रतिक्रिया समय पर विशेष जोर दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने पुलिस कार्यालय जांजगीर के सभा कक्ष में डायल-112 में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों की विशेष बैठक ली। बैठक में आपातकालीन सूचना मिलने के बाद कम से कम समय में मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि तेज प्रतिक्रिया ही डायल-112 की असली पहचान है। चोरी, सडक़ दुर्घटना, मारपीट या किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर दल को तत्काल रवाना होकर मौके पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बैठक में आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों के लिए स्पष्ट व्यवस्था तय की गई। घटनास्थल पर पहुंचने, आवश्यक कार्रवाई करने और कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट भरने के बाद वाहन को बिना अनावश्यक देरी के अपने निर्धारित स्थल पर वापस लौटना होगा। इससे अगली आपातकालीन सूचना मिलते ही वाहन को तत्काल रवाना किया जा सकेगा। बैठक में डायल-112 के कर्मचारी, वाहन चालक, राजमार्ग गश्ती दल, जिला नियंत्रण कक्ष प्रभारी एवं संबंधित प्रबंधन के अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि डायल-112 की आपातकालीन सेवा को तेज, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कर्मचारियों को दो टूक निर्देश दिए कि किसी भी घटना में अनावश्यक समय व्यतीत नहीं किया जाए। यदि मौके पर पहुंचने या कार्रवाई में देरी होती है तो उसका कारण दर्ज करना होगा। कर्मचारियों को बिना अनुमति स्वयं से घटना तैयार नहीं करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बैठक में पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही नागरिकों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि डायल-112 का उद्देश्य संकट की स्थिति में लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए। बैठक में डायल-112 पर आने वाले फर्जी एवं अनावश्यक कॉल की भी समीक्षा की गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि डायल-112 पर केवल वास्तविक और आपात स्थिति में ही कॉल करें। फर्जी या अनावश्यक कॉल से पुलिस का समय और संसाधन प्रभावित होते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद तक सहायता पहुंचने में देरी हो सकती है।
एएसपी यार्क ने डायल-112 की कसी कमान, हर मिनट का होगा हिसाब
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