बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन्स (आईसीपी) व एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन्स ऑफ इंडिया (एपीआई) बिलासपुर चैप्टर का अकादमिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सिम्स के डीन व मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. रमणेश मूर्ति व अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के वक्ता व साल 2027 के निर्वाचित अध्यक्ष प्रो. डॉ. शेखर चक्रवर्ती ने मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह के बीच के संबंध को प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने इन बीमारियों के समग्र प्रबंधन के साथ-साथ जीवनशैली में आवश्यक सुधार पर विशेष जोर दिया। प्रो. डॉ. रमणेश मूर्ति ने एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत, विवेकपूर्ण उपयोग पर व्याख्यान देते हुए बढ़ते एंटीबायोटिक प्रतिरोध को भविष्य की बड़ी चुनौती बताया। प्रो. डॉ. प्रभात पांडेय ने उच्च रक्तचाप के समय पर निदान, नियमित निगरानी, प्रभावी नियंत्रण को गंभीर जटिलताओं से बचाव के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम में सर्पदंश के नवीनतम प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा व आईसीसीयू में गंभीर मरीजों के उपचार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 18 से अधिक विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए मेडिकल क्विज, पोस्टर प्रस्तुति सहित विभिन्न अकादमिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। एमएस प्रो. डॉ. लखन सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन चिकित्सकों व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान से जोडऩे, विशेषज्ञों के अनुभवों के आदान-प्रदान का बेहतर मंच प्रदान करते हैं। बदलती चिकित्सा पद्धतियों के अनुरूप निरंतर ज्ञानवर्धन आवश्यक है। कार्यक्रम में डॉ. अमित कुमार ठाकुर, डॉ. आशुतोष कोरी, डॉ. विवेकानंद मिश्रा, डॉ. नाजिया अंसारी, डॉ. नवनीत कुमार अग्रहरी, डॉ. घनश्याम सिंह कंवर, डॉ. अखिलेश चंद्राकर, डॉ. किसलय देवांगन, डॉ. सुयश सिंह, डॉ. चंद्रा किरण, डॉ. शिवानी बडगैयां, डॉ. प्रज्ञा पटेल, डॉ. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. शैलेश कुमार साहू, डॉ. रवि तेंगवार, डॉ. कृतिका बिष्ट, डॉ. ज्योति जोशी समेत स्नातकोत्तर 300 विद्यार्थी उपस्थित रहे ।
मोटापा, बीपी और मधुमेह से बचने जीवनशैली में सुधार जरूरी
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