बिलासपुर। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में बिलासपुर जिला प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। मालखाना एंट्री, डीजी-आईडी डैशबोर्ड, मेडलीप, ई-प्रॉसिक्यूशन और अन्य डिजिटल मॉड्यूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले ने कई श्रेणियों में प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी थानों द्वारा 1 लाख 31 हजार 957 प्रकरणों की मालखाना एंट्री सीसीटीएनएस में ऑनलाइन दर्ज की गई है, जिससे बिलासपुर प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंचा है। वहीं डीजी-आईडी डैशबोर्ड में प्रति सप्ताह 26 हजार 607 एंट्री दर्ज कर जिला लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि मेडलीप पोर्टल पर 2,722 आवेदन, न्यायालय निर्णय पत्रक में 16,110 ऑनलाइन प्रविष्टियां और ई-प्रॉसिक्यूशन पोर्टल पर 1,081 प्रकरण ऑनलाइन भेजे गए हैं, जिनके आधार पर बिलासपुर ने कई मॉड्यूल में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। ई-एफएसएल, ई-एफआईआर और ई-चार्जशीट जैसे मॉड्यूल में भी जिला बेहतर प्रदर्शन करते हुए चौथे स्थान पर है। एसएसपी ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से 5 अगस्त 2026 तक जिले में 19,125 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें से 15,361 मामलों (80.32 प्रतिशत) में समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जा चुके हैं। वहीं न्याय श्रुति परियोजना के तहत जिला न्यायालय बिलासपुर और थाना सरकंडा के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सफल परीक्षण भी किया गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आपराधिक कानूनों के निराकरण में बिलासपुर बना प्रदेश का मॉडल
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