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पत्रकार पर जानलेवा हमला, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

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कोरबा। दरम्यानी रात कोरबा शहर से लेकर एनटीपीसी के आगे बलगी मोड़ तक अज्ञात युवकों ने आतंक का ऐसा नंगा नाच किया जिसमें एक सहायक उप निरीक्षक का पुत्र गंभीर हालत में पहुंच गया तो वहीं एक कोरबा जिले के युवा पत्रकार के भी हत्या का प्रयास किया गया। उसे इतना मारा कि मरा समझ कर छोड़ भागे। इस घटनाक्रम के दौरान पिस्टलनुमा हथियार का भी उपयोग किया गया लेकिन उसकी फायरिंग हवा में की गई। सारे मामले को लेकर पुलिस महकमा और पत्रकारों के बीच खलबली मची हुई है। आरोपियों की धर पकड़ करने में पुलिस अमला जुटा हुआ है।आरोपियों के पकड़ में आने के बाद घटना को अंजाम देने के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक यह घटनाक्रम शनिवार-रविवार की मध्य रात लगभग 1 से 3 के बीच अंजाम दिया गया। घटना के प्रारंभिक स्वरूप को देखते हुए लग रहा है कि घटना को अंजाम देने की नीयत से ही हमलावर युवक आए थे और उनकी टारगेट में कोई ना कोई था। सिटी कोतवाली थाना के अधीन मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र अंतर्गत बुधवारी बायपास मार्ग पर रात करीब 1 बजे कुछ युवक अपने दोस्तों के काले रंग की कार में मौजूद थे व आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान यहां एक सफेद रंग की बोलेरो आकर रुकी और सड़क पर पूरी जगह होने के बावजूद इस काली गाड़ी के सामने आकर खड़े हो गए और गाड़ी हटाने की बात को लेकर विवाद करना शुरू कर दिए। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक उन्हें कहा गया कि पूरा रास्ता खाली है, इधर से जा सकते हो लेकिन युवकों का कहना था कि हम यहीं से जाएंगे। इसी बात को लेकर कहा-सुनी हो ही रही थी कि काले रंग की कार में बैठा एएसआई रामनारायण रात्रे का पुत्र चंद्रमणि रात्रे (दादू) जैसे ही बाहर निकला और सड़क पर पहुंचा था कि एकाएक बोलेरो चालक ने तेज रफ्तार से गाड़ी आगे बढ़ा दी और सड़क पर युवक को कुचलते हुए तेज रफ्तार से भाग निकले। घटना होते ही उसके साथियों में हड़कम्प मच गई।
आनन-फानन में एक स्कूटी पर साहिल निर्मलकर के साथ युवा पत्रकार अरविंद राठौर ने उक्त दुर्घटनाकारित बोलेरो का पीछा करना शुरू किया। पीछा करते-करते यह सभी एनटीपीसी मार्ग से होते हुए बलगी के रास्ते पर निकल पड़े। यहां रास्ते में बोलेरो सवार लोगों ने अपने साथियों को फोन कर बुलाया। 2 से 3 मोटरसाइकिल व वेन्यू कार में आए लोगों ने स्कूटी सवार पत्रकार अरविंद राठौर को खींचकर सड़क पर गिराया और फिर कार में जबरन बिठाकर अपने साथ ले गए। यह देखकर साहिल घबरा गया और वहां से भाग कर साथियों को सूचित किया।
इधर, कार में ही अरविंद के साथ मारपीट की जाती रही और बलगी में एक स्थान पर ले जाकर करीब 25 से 30 की संख्या में लाठी-डंडा लोहे की राड से लैस युवकों के द्वारा अरविंद पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक युवक के हाथ में पिस्टलनुमा हथियार भी था जिसे अरविंद की कनपटी पर टिकाया गया लेकिन फायरिंग हवा में की गई। दो राउंड फायरिंग से और पिस्तौल देखकर अरविंद और दहशत में आ गया। उसे इस तरह मारा-पीटा गया कि जब अधमरा हो गया तो मरा समझ कर उसे वही बल्कि मोड़ के पास फेंक दिया गया। जाने से पहले अज्ञात हमलावरों ने उसके पैंट की जेब में रखे एक लाख रुपए, आईफोन, हाथ में पहनी हुई सोने की अंगूठी, गले से सोने का चैन आदि निकाल लिया (लूट लिया) और उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
थोड़ी देर में जब अरविंद को होश आया तो उसने दूसरी जेब में रखे अपने एक अन्य मोबाइल से साथियों को घटना की जानकारी दी। जैसे ही इस घटनाक्रम की जानकारी अरविंद के साथियों को हुई, वे घटना स्थल पहुंचे और वहां से अरविंद को अपने चारपहिया में सवार कर बांकी मोंगरा थाना के लिए रवाना हुए। इस दौरान भी हमलावरों की एक टोली इनकी गाड़ी का पीछा करती रही। थाना पहुंचने पर पीछा कर रहे लोग वहां से हट गए। गंभीर हालत में अरविंद राठौर को थाना ले जाया गया। यहां मौजूद स्टाफ ने उसकी हालत को देखते हुए तत्काल अस्पताल ले जाने की बात कही। अरविंद राठौर को रात में ही कोरबा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी अस्पताल में एएसआई के पुत्र को भी भर्ती कराया गया है जो फिलहाल आईसीयू में है। इधर,दूसरी तरफ बांकीमोगरा थाना स्टाफ ने रात में घटित इस घटनाक्रम और युवक की हालत को देखने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया, ना घटनाक्रम के बारे में कोई जानकारी हासिल करना जरूरी समझा। घायल युवक के परिजन ने भी रात में थाना प्रभारी को फोन लगाया किंतु कोई रिप्लाई नहीं मिला।
रात में ही घटना की जानकारी एएसपी लखन पटले सहित अन्य अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को भी अवगत कराया गया। इस पूरे मामले में पुलिस के द्वारा घटना स्थल बुधवारी बाईपास से लेकर बलगी मोड़ तक सुराग खंगाले जा रहे हैं। कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है। आरोपियों के पकड़ में आने के बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा कि आखिरकार इस घटनाक्रम की वजह क्या थी? क्या वह एएसआई के पुत्र की हत्या के इरादे से आए थे या फिर युवा पत्रकार को मारने की साजिश थी? घटना को इस तरह क्यों अंजाम दिया गया, इसके पीछे का सच जानने के लिए पीड़ितों के परिजन भी पुलिस की कार्रवाई के इंतजार में हैं।

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भूपेन्द्र पाण्डेय

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